Nipah Virus Outbreak Alert: पश्चिम बंगाल में सामने आए निपाह वायरस के मामलों ने देशभर में टेंशन बढ़ा दी है. पिछले दिनों पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के 5 मामले सामने आए. ऐसे में इस वायरस को फैलने से रोका जा सके, इसलिए करीब 100 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया है. इनमें अस्पतालों की नर्सें और डॉक्टर्स भी शामिल हैं. हालात की गंभीरता को देखते हुए इन सभी को अस्पताल में रखा गया है. साल की शुरुआत में 11 जनवरी, 2026 को पश्चिम बंगाल में 2 संदिग्ध मामलों की पुष्टि भी हुई थी. इसको देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य टीम एक्टिव हो गई है.
आखिर क्यों खतरनाक है निपाह वायरस
निपाह वायरस की चपेट में आने के बाद अगर उचित इलाज और देखभाल नहीं मिले तो हालात गंभीर हो सकते हैं. इसके शुरुआती लक्षणों में साधारण बुखार आता है. फिर तेज बुखार, सिरदर्द और उल्टी या मतली के लक्षण भी सामने आने लगते हैं. वहीं, डॉक्टरों के मुताबिक, निपाह वायरस की चपेट में आने के बाद मरीजों को गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना या बेहोशी जैसी दिक्कत भी होती है. वहीं, हालात गंभीर होने पर दिमाग पर असर और भ्रम या दौरे भी पड़ने लगते हैं. कुछ मामलों में मरीज की हालत तेजी से बहुत अधिक बिगड़ जाती है तो लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क जरूरी हो जाता है.
कैसे फैलता है निपाह वायरस?
वर्ष 1999 में निपाह वायरस को पहली बार मलेशिया में पहचाना गया था. इसके बाद निपाह वायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organizaigon) द्वारा एक घातक जूनोटिक बीमारी की सूची में डाल दिया गया. यह फल खाने वाले चमगादड़ों के जरिये फैलता है. यह वायरस दूषित भोजन या सीधे इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है. इसमें सबसे खतरनाक बात यह है कि इस बीमारी के लिए कोई सटीक उपचार या स्वीकृत टीका उपलब्ध नहीं है. बताया जाता है कि कोरोना वायरस भी चमगादढ़ के जरिये फैला.
इस बीच वैज्ञानिकों ने आशंका जताई थी कि SARS-CoV-2 किसी पशु कोरोनावायरस से मानव में फैला है. इसके बाद इसने मानव से मानव में फैलने की क्षमता विकसित कर ली. अत्यधिक संक्रामक होने के कारण पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ गई. यही वजह है कि निपाह वायरस को लेकर भारत के अलावा कई अन्य देशों में चिंता बढ़ गई है. यह वायरस दिमाग और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियों देता है. ऐसे में इसको लेकर गंभीर होने की जरूरत है.
धाईलैंड में यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू
उधर, ब्रिटिश मीडिया द इंडिपेंडेंट पहले ही आगाह कर चुका है. उसके मुताबिक, पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस फैला है, जिसके बाद लगभग 100 लोगों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है. इनमें एक मरीज की हालत गंभीर है. ऐसे में थाईलैंड ने कई प्रमुख हवाई अड्डों पर बीमारी की रोकथाम के उपायों को बढ़ा दिया है. इसमें यात्रियों की स्क्रीनिंग भी शामिल है.

