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Bihar Bhumi Sudhar 2026: बढ़ी सर्वे की लास्ट डेट, बिना सर्वे वाली 18 लाख हेक्टेयर जमीन पर बड़ा एक्शन

Bihar Bhumi Sudhar 2026: बिहार में विशेष भूमि सर्वे की लास्ट डेट बढ़ा दी गई है. बिना सर्वे व गैर-मजरुआ जमीन की पहचान तेज. रिकॉर्ड ऑनलाइन हो रहे हैं, मापी के लिए नई समय-सीमा तय.

Published by sanskritij jaipuria

Bihar Bhumi Sudhar 2026: बिहार की सरकार ने राज्य में चल रहे स्पेशल भूमि सर्वे और बंदोबस्त काम को लेकर कई अहम फैसले किए हैं. मार्च 2025 तक मिली जानकारी के अनुसार, सर्वे की समय-सीमा बढ़ाई गई है, बिना सर्वे वाली जमीन की पहचान का काम तेज किया गया है और भूमि रिकॉर्ड को पूरी तरह ऑनलाइन करने की प्रक्रिया लास्ट स्टेज में है. आइए समझते हैं आशान शब्दों में सब कुछ-

बिहार भूमि सर्वे की नई लास्ट डेट

राज्यव्यापी विशेष भूमि सर्वे की लास्ट डेट पहले जुलाई 2026 तय थी. अब इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया गया है. अब लोग सोच रहे होंगे की ऐसा क्यों हआ तो आपको बता दें कि कई जमीन मालिकों को कागज जमा करने में दिक्कत आ रही थी. स्थानीय लेवल पर रिकॉर्ड मिलान और प्रक्रिया में जटिलताएं थीं. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ज्यादा समय की जरूरत महसूस हुई.

स्टेटस ऑफ सेल्फ डिक्लेरेशन

जमीन मालिकों को अपना स्व-घोषणा पत्र (प्रारूप-2) अपलोड करने की लास्ट डेट 31 मार्च 2025 रखी गई थी. तकनीकी दिक्कतों और सर्वर समस्या के कारण विभाग इस तारीख में राहत देने पर विचार कर रहा है.

राज्य में लगभग 18 लाख हेक्टेयर जमीन ऐसी है, जिसका पहले सर्वे नहीं हुआ था. ये कुल क्षेत्रफल का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा है. सरकार ने ऐसे इलाकों में विशेष सर्वे कराने का निर्देश दिया है. कई जगहों पर गैर-मजरुआ (सरकारी) जमीन निजी लोगों के नाम पर दर्ज पाई गई है. ऐसे मामलों की जांच कर सही रिकॉर्ड बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं.

लंबे समय से काबिज लोगों के अधिकार

कुछ जमीनों पर लोग कई सालों से रह रहे हैं या खेती कर रहे हैं. सरकार ऐसे मामलों में वास्तविक स्थिति की जांच कर रही है. मालिकाना हक से जुड़े फैसले कानूनी सलाह के आधार पर लिए जाएंगे.

भूमि रिकॉर्ड के लिए ऑनलाइन पोर्टल

Bihar Bhumi पोर्टल के माध्यम से जमीन से जुड़े रिकॉर्ड डिजिटल किए जा रहे हैं. पोर्टल पर लोगों को कुछ चीजें मिलेंगी जैसे-

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नया सर्वे रिकॉर्ड
भू-नक्शा
जमाबंदी की जानकारी

अगस्त–सितंबर 2025 में राजस्व महा अभियान चलाने की योजना बनाई गई थी, ताकि रिकॉर्ड को अपडेट किया जा सके. पूरी ऑनलाइन व्यवस्था सर्वे खत्म होने तक पूरी तरह काम करने लगेगी.

जमीन मालिकों के लिए जरूरी बातें

अगर खाता नहीं है- जिन लोगों के पास खाता (खतियान) नहीं है, उनके लिए 15 तरह के वैकल्पिक दस्तावेज जमा करने की व्यवस्था की गई है. इससे वे अपने स्वामित्व का दावा कर सकते हैं.

मापी की नई समय-सीमा- नई व्यवस्था के अनुसार विवाद रहित जमीन की मापी फीस जमा होने के 7 दिनों के भीतर की जाएगी और विवादित जमीन की मापी 11 दिनों के भीतर की जाएगी.

बिहार में भूमि सर्वे और रिकॉर्ड सुधार का काम तेजी से चल रहा है. समय-सीमा बढ़ने से लोगों को कागज तैयार करने और सही जानकारी देने का मौका मिला है.

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