Categories: एस्ट्रो

Wedding Invitation Card Design: गलत रंग या गणेश जी की फोटो! मॉडर्न शादी के कार्ड की वजह से तो नहीं कर रहे गलती, हो सकता है बड़ा अपशकुन

Wedding Invitation Card Design: शादी का कार्ड मेहमानों के लिए आदर और निमंत्रण का प्रतिक होता है, ताकि सभी रिश्तेदार और जान पहचान वाले शादी में आए और नवविवाहितों को अपना आशीर्वाद दें. वहीं आजकल के लोग मॉर्डन शादी कार्ड डिजाइन की वजह से कुछ बड़ी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे बड़ा अपशकुन हो सकता है और विवाह में विघ्न आ सकता है.

Published by chhaya sharma

Vastu For Wedding Invitation Card Design: शादी का कार्ड मेहमानों को बुलाने और उनको सम्मान देने का प्रतीक होता है. क्योंकि शादी में आए सभी मेहमान नवविवाहितों को अपना आशीर्वाद देते हैं, ताकि उनके जीवन में खुशहाली बनी रहे और वे अपने नए जीवन की शुरुआत सभी की शुभकामनाओं और आशीर्वाद के साथ करें. वहीं आजकल के लोग अपने शादी के कार्ड को मॉडर्न तरह से डिजाइन करने की वजह से कई बड़ी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे बड़ा अपशकुन हो सकता है और विवाह में विघ्न आ सकता है. 

वास्तु के अनुसार वेडिंग इंविटेशन कार्ड

दरअस, शादी का कार्ड यानी वेडिंग इंविटेशन कार्ड का वास्तु के हिसाब से होना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में अगर कार्ड छपवाते समय कुछ खास बातों का ध्यान न रखा जाए, तो शादी होने में अड़चनें आने की संभावना हो सकती है. क्योंकि कार्ड सिर्फ  निमंत्रण नहीं है, बल्कि यह आपकी शादी की पहली झलतक माना जाता है. वास्तु के अनुसार सही रंग, आकार और डिजाइन वाला कार्ड शुभ फल देता है और सकारात्मकता को बढ़ाता है. 

और पढ़ें: Shaadi Season: देवउठनी एकादशी से क्यों शुरू होता है शादियों का सीजन? जानें नवंबर-दिसंबर के शुभ मुहूर्त

Related Post

शादी का कार्ड कैसा होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार शादी के कार्ड पर भगवान गणेश की फोटो नहीं बनवानी चाहिए, ऐसा इसलिए क्योंकि शादी होने के बाद लोग वेडिंग इंविटेशन कार्ड को फेंक देते हैं, जिसकी वजह से कार्ड पर लगी भगवान गणेश की फोटो का अपमान होता है. अगर आप  गणेश जी का आशीर्वाद चाहते हैं, तो आप उनका छोटे से प्रतीक चिन्ह और उनका नाम इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा शादी के कार्ड का आकार भी बहुत मायने रखता है. इसलिए आपको शादी का त्रिकोण या पत्ते के आकार में नहीं बनवाना चाहिए,  क्योंकि ये नकारात्मकता को बढ़ाते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार चौकोर आकार का कार्ड सबसे शुभ होता है, क्योंकि इसके चार कोनों में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है. वही कार्ड पर दूल्हा-दुल्हन की फोटो नहीं लगानी चाहिए, इससे नजर दोष का खतरा होता है. वास्तु के अनुसार, शादी के कार्ड में रंग भी बहुत मायने रखता है, इसलिए ध्यान रखें की काला या भूरा रंग का इस्तेमाल शादी के कार्ड पर ना हो, इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. शादी के कार्ड में आपको पीला और लाल रंग का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि हिंदू धर्म में पूजा या शुभ कार्य के लिए इन रंगों को बेहद शुभ बताया गया है.

और पढ़ें: Hindu Marriage: क्यों पहनाएं जाते हैं नई दुल्हन को कलीरे, क्या है इसके पीछे की वजह और इतिहास

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

chhaya sharma

Recent Posts

क्या सच में 31 दिसंबर को सस्ती मिलती है कार, जानें कितनी कम हो जाती है कीमत?

Car Buyers: कई लोग जो नई कार खरीदने की योजना बना रहे होते हैं, उन्हें…

March 7, 2026