सावधान! आपकी ये 3 रोज़ाना की आदतें छीन रही हैं चेहरे का नूर; आज ही सुधारें!
अक्सर हम अनजाने में ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं जो हमारी त्वचा की सुरक्षा परत को नुकसान पहुँचाती हैं. ज़रूरत से ज़्यादा चेहरा धोना, मॉइश्चराइज़र न लगाना या मेकअप के साथ वर्कआउट करना जैसी आदतें जलन और मुँहासों का कारण बनती हैं. स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए इन छोटी लेकिन गंभीर गलतियों को सुधारना बेहद ज़रूरी है.
छोटी-छोटी गलतियाँ, त्वचा की बड़ी समस्याएँ
स्किनकेयर में होने वाली गलतियां अक्सर अनजाने में हो ही जाती हैं. रोजमर्रा की आदतें जैसे जरूरत से ज्यादा चेहरा धोना, मॉइश्चराइजर न लगाना, या वर्कआउट के दौरान मेकअप लगाए रखना धीरे-धीरे आपकी त्वचा की सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसका नतीजा होता है जलन, दाने और लंबे समय तक रहने वाली संवेदनशीलता.
गलती नंबर एक: जरूरत से ज्यादा चेहरा धोना
चेहरा बार-बार धोने से त्वचा के प्राकृतिक तेल निकल जाते हैं. साफ करने से गंदगी और मेकअप तो हटते हैं, लेकिन ओवरवॉशिंग से त्वचा की सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है. इससे त्वचा रूखी, खिंची हुई, चिड़चिड़ी हो सकती है और बाहरी नुकसान के प्रति ज़्यादा संवेदनशील बन जाती है.
चेहरा कितनी बार धोना चाहिए?
अधिकतर स्किन टाइप के लिए दिन में दो बार सुबह और रात चेहरा धोना पर्याप्त होता है. यह आदत त्वचा को साफ़ रखती है और उन ज़रूरी तेलों को भी बचाए रखती है जो बैक्टीरिया, प्रदूषण और जलन से दिनभर सुरक्षा देते हैं.
गलती नंबर दो: मॉइश्चराइज़र छोड़ देना
कई लोग, खासकर जिन्हें मुहांसों की समस्या होती है, यह सोचकर मॉइश्चराइज़र नहीं लगाते कि इससे दाने बढ़ जाएंगे. जबकि सच्चाई यह है कि जब त्वचा सूखी रहती है, तो वह इसकी भरपाई के लिए ज़्यादा तेल बनाने लगती है। इससे पोर्स बंद होते हैं और एक्ने की दवाइयाँ भी ज़्यादा चुभने लगती हैं.
मॉइश्चराइज़ करने का सही तरीका
हल्का और हाइड्रेटिंग मॉइश्चराइज़र त्वचा का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. यह स्किन बैरियर को मजबूत करता है, एक्टिव ट्रीटमेंट्स से होने वाली जलन कम करता है और बिना पोर्स बंद किए या भारी लगे, तेल के स्राव को नियंत्रित रखता है.
गलती नंबर तीन: वर्कआउट के दौरान मेकअप लगाना
मेकअप लगाकर एक्सरसाइज़ करने से पसीना, तेल और बैक्टीरिया पोर्स के अंदर फँस जाते हैं. इससे पोर्स क्लॉग होते हैं, दाने निकलते हैं और सूजन बढ़ती है, खासकर तब जब वर्कआउट तेज़ या लंबा हो.
एक्सरसाइज़ के समय साफ़ त्वचा क्यों ज़रूरी है
पसीने को सही तरीके से निकलने के लिए साफ़ त्वचा चाहिए. वर्कआउट के दौरान बिना मेकअप की त्वचा पोर्स को जाम होने से बचाती है, एक्ने के फ्लेयर-अप कम करती है और त्वचा को साँस लेने व तापमान नियंत्रित करने में मदद करती है.
स्वस्थ त्वचा के लिए समझदारी भरी आदतें
हल्के हाथ से क्लेंज़िंग, नियमित मॉइश्चराइज़िंग और वर्कआउट के समय मेकअप से दूरी ये छोटी-छोटी आदतें लंबे समय में त्वचा की सुरक्षा करती हैं. रोज़ाना अपनाई गई ये आदतें स्किन बैरियर को मजबूत बनाती हैं और ज़रूरत से ज़्यादा स्किनकेयर से होने वाले नुकसान से बचाती हैं.
अस्वीकरण
यह जानकारी केवल सामान्य सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से दी गई है. इसे किसी भी तरह से चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प न मानें. त्वचा, स्वास्थ्य, फिटनेस या पोषण से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए योग्य डॉक्टर, त्वचा विशेषज्ञ या पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें. हर व्यक्ति पर परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं.