19
Swami Vivekananda Jayanti: राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं बल्कि भारत के युवाओं के आत्मविश्वास को दिखाता है. यह दिन हर सालव 12 जनवरी को मनाया जाता है. यह दिन स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाया जाता है. साल 2026 में जब तेज अपने भविष्य की तरफ तेजी से बढ़ रहा है, तो युवा दिवस हमें यह सोचने के लिए मजबूर कर रहा है, क्या आज का युवा भविष्य के लिए क्या बढ़ रहा है. स्वामी विवेकानंद का विश्वास था कि यदि युवाओं में अनुशासन और आत्मबल होगा. तो फिर भारत को कोई रोक नहीं सकता है.
राष्ट्रीय युवा दिवस का तिथि
राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी 2026 (सोमवार) को धूमधाम से मनाया जा रहा है. भारत सरकार ने साल 1984 में यह फैसला लिया कि स्वामी विवेकानंद की जयंती को युवा दिवस के रुप में ही मनाया जाता है. इस मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके विचारों से जोड़ना है.
स्वामी विवेकानंद युवा दिवस का प्रतीक
स्वामी विवेकानंद बस संत नहीं, बल्कि युवाओं के मार्गदर्शक थे. उनका प्रसिद्ध मंत्र ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक कि हमें लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए. आज भी हर युवा रे लिए वह दिशा दिखाने वाले दीपक की तरह काम करते हैं. उनका जीवन युवाओं को आत्मविश्वास, साहस और सेवा की शिक्षा देता है. इसलिए उनकी जयंती को युवा दिवस के रुप में मनाया जाता है.
राष्ट्रीय युवा दिवस का इतिहास
विश्व धर्म सम्मेलन में विश्व धर्म सम्मेलन में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण ने भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान देने में मदद की थी. राष्ट्रिय युवा दिवस उसी विरासत की याद दिलाता है. इस दिन देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भाषण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 की थीम
राष्ट्रीय युवा दिवस हर साल एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है. जो शिक्षा, रोजगार, नवाचार, मानसिक मजबूती और सामाजिक जिम्मेदारी की चुनौतियों पर केंद्रित है. यह थीम युवाओं के सपने साकार करने की प्रेरणा देती है.
युवा दिवस की प्रासंगिकता
युवा दिवस हमें याद दिलाता है कि सफलता संघर्ष और अनुशासन से मिलती है. स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आराम नहीं, बल्कि शक्ति का संदेश देता है. युवा दिवस हमें राष्ट्रकेंद्रित सोच अपनाने का आह्वान करता है.