सुदर्शन पटनायक ने समुद्र तट पर बनाया विशालकाय सांता क्लॉस, बना विश्व रिकॉर्ड

ओडिशा के पुरी (Puri) में रेत कलाकार (Sand Artist) सुदर्शन पटनायक (Sudarshan Patnayak) ने वो कर दिखाया है, जिसकी कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.

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Sudarshan Patnaik breaks world record: ओडिशा के पुरी में रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने वो कर दिखाया है, जिसके बारे में कभी किसी ने सोचा नहीं था,उन्होंने क्रिसमस के खास मौके पर 1.5 टन सेबों का इस्तेमाल करके 20 फीट ऊंचा सांता क्लॉस बनाकर विश्व रिकॉर्ड को पूरी तरह से तोड़ने में कामयाब रहे हैं. उन्होंने भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की क्षमता को दर्शाता है. 

समुद्री तट पर बनाया विशाल सांता क्लॉस

क्रिसमस के खास अवसर पर, अंतरराष्ट्रीय स्तर परसैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर एक अनोखा और विशालकाय सांता क्लॉस बनाकर एक बार पिर से पूरी दुनिया को हैरान करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है. दरअसल, उन्होंने न सिर्फ रेत का इस्तेमाल किया बल्कि 1.5 टन सेबों के जरिए एक बड़ा सांता क्लॉस बनाकर सभी को चौंका दिया. फिलहाल, उनकी इस अनोखी कलाकृति की विश्वभर में जमकर सरहाना की जा रही है, इसके साथ ही उनके इस कला को अब एक नया विश्व रिकॉर्ड माना जा रहा है.

यहां देखें पूरा वीडियो

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कला और संदेश का दिखा अनूठा संगम

सुदर्शन पटनायक अपनी कला के माध्यम से हर किसी को हमेशा की तरह हैरान करते हैं. साथ ही उन्होंने इस साल, सेबों से बने इस सांता क्लॉस के जरिए उन्होंने भारत को एक अनोखा संदेश देने की भी कोशिश की है. इतना ही नहीं, उन्होंने इस कला के माध्यम से “स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत” का संदेश देने का काम किया है. इतना नहीं उनकी इस भव्य कलाकृति में उनके साथ-साथ सुदर्शन सैंड आर्ट इंस्टीट्यूट के छात्रों ने भी बड़ी मेहनत की है. ओडिशा के पुरी के नीले समुद्र तट पर लाल सेबों से सांता क्लॉस को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ देखने को मिली. वहां मौजूद कुछ लोगों ने इस विशालकाय सांता क्लॉस की वीडियो के साछ-साथ तस्वीरें लेकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी. जो अब खूब तेजी से वायरल हो रही है, जिसकी लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं. 

कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड और तकनीक

यह सांता क्लॉस लगभग 20 फीट ऊँचा और 40 फीट चौड़ा है. तो वहीं, सेबों को रेत के ढांचे पर इस तरह सजाया गया कि वह सांता के लाल कपड़ों जैसा जीवंत प्रभाव दे रहे थे. रेत कलाकर सुदर्शन पटनायक ने जानकारी देते हुए बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में फलों का इस्तेमाल करके सैंड आर्ट बनाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन इसका उद्देश्य लोगों को प्रकृति और स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह से जागरूक करना था. फिलहाल, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक के प्रतिनिधियों ने इस कलाकृति का निरीक्षण किया और इसे अपनी तरह का अनूठा रिकॉर्ड माना है. हाँलाकि, इससे पहले भी पटनायक ने लाखों टमाटरों और हजारों प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल करके पर्यावरण संरक्षण के कई महत्वपूर्ण संदेश भी दिए हैं. 

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