LPG crisis: अयोध्या से काशी तक पहुंची युद्ध की आंच…  राम रसोई के भंडारे पर मंडराया संकट तो काशी विश्वनाथ के प्रसाद में भी कटौती

LPG crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता का असर अब काशी और अयोध्या तक पहुंचता दिखाई दे रहा है. काशी विश्वनाथ धाम के अन्न क्षेत्र में गैस बचाने के लिए मेन्यू में बदलाव की चर्चा है, जबकि अयोध्या की राम रसोई और सीता रसोई में भी ईंधन सप्लाई कम होने से संचालन में दिक्कतें सामने आई हैं.

Published by Ranjana Sharma

LPG crisis: मिडिल ईस्ट में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की गूंज अब भारत की धार्मिक नगरीयों तक सुनाई देने लगी है. काशी और अयोध्या में श्रद्धालुओं के लिए चलने वाले अन्न क्षेत्र और रसोइयों में एलपीजी की संभावित कमी को लेकर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है. काशी में बाबा विश्वनाथ धाम के अन्न क्षेत्र में गैस बचाने के लिए मेन्यू में बदलाव की चर्चा है, वहीं अयोध्या की प्रसिद्ध राम रसोई और सीता रसोई में भी गैस सप्लाई कम होने से संचालन को लेकर दिक्कतें सामने आ रही हैं. हालांकि मंदिर ट्रस्ट और व्यवस्थापकों ने सेवा जारी रहने का भरोसा दिया है.

काशी विश्वनाथ प्रसाद के मेनू से एक सब्जी गायब

विश्वनाथ धाम स्थित मां अन्नपूर्णा भवन के अन्न क्षेत्र में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद के रूप में निःशुल्क भोजन ग्रहण करते हैं. यहां प्रतिदिन करीब 850 से 1000 श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाता है. आम दिनों में प्रसाद की थाली में दो तरह की सब्जियां, रोटी, वेज बिरयानी, सांभर, पापड़ और सेवई दी जाती है. हालांकि एलपीजी की संभावित कमी को देखते हुए गैस की बचत की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं. अन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार फिलहाल एक सब्जी और सेवई को मेन्यू से हटाकर गैस बचाने की कोशिश की जा रही है.

रोजाना ढाई कमर्शियल सिलेंडर की खपत

अन्न क्षेत्र के मैनेजर रवि के अनुसार यहां प्रतिदिन औसतन ढाई कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल होता है. उन्होंने बताया कि अगले दिन के लिए गैस का ऑर्डर दिया गया है, लेकिन अभी तक सप्लाई नहीं मिली है. एहतियात के तौर पर दो सिलेंडर रिजर्व रखे गए हैं ताकि सेवा बाधित न हो.

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गैस बचाने के लिए बदली रसोई की व्यवस्था

अन्न क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का कहना है कि गैस की बचत के लिए अब खाना पकाने के तरीके में भी बदलाव किया गया है. पहले चावल और सांभर बड़े पतीलों में पकाए जाते थे, लेकिन अब कुकर का इस्तेमाल किया जा रहा है. उनका कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति में और कमी हुई तो मेन्यू से रोटी भी हटानी पड़ सकती है.

ट्रस्ट ने कहा- मेन्यू कटौती की खबर भ्रामक

इस बीच काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने सोशल मीडिया पर चल रही कुछ खबरों को भ्रामक बताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर न्यास के सभी अन्न क्षेत्र फिलहाल सामान्य रूप से और पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं.

अयोध्या में राम रसोई पर भी असर

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अयोध्या में भी देखने को मिल रहा है. यहां चलने वाली प्रसिद्ध राम रसोई और सीता रसोई में गैस सप्लाई कम होने के कारण संचालन में दिक्कतों की बात सामने आई है. हालांकि व्यवस्थापकों ने स्पष्ट किया है कि रसोई बंद नहीं की गई है और वैकल्पिक साधनों से भोजन सेवा जारी रखी जा रही है. राम रसोई संचालन से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि कि मंगलवार को दोपहर तक रसोई सामान्य रूप से चलती रही. उन्होंने उम्मीद जताई कि ईंधन की सप्लाई जल्द सामान्य हो जाएगी. यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल किया जाएगा.

Ranjana Sharma
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