बिहार में कब हुआ था पहला विधानसभा चुनाव? 2025 के इलेक्शन से पहले जान लें ये 10 बड़ी बातें
Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. चुनाव आयोग के अधिकारी बिहार पहुंच चुके हैं, जहां उन्होंने तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ तमाम राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ बैठक की और उनके सुझाव मांगे. ऐसे में बिहार चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले राज्य की राजनीति से जुड़ीं ये 10 जरूरी बातें जान लें.
बिहार में 7.42 करोड़ मतदाता
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग के साथ-साथ तमाम पार्टियों की तैयारी जारी है. इस बीच चुनाव आयोग ने एसआईआर यानी गहन मतदाता पुनरीक्षण के आंकड़े भी जारी कर दिए हैं. इसके मुताबिक बिहार में अब 7.42 करोड़ मतदाता हैं.
22 नवंबर को खत्म हो रहा बिहार विधानसभा का कार्यकाल
बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है. ऐसे में राज्य में चुनाव नवंबर तक होने हैं. पिछला विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 28 अक्तूबर से 7 नवंबर के बीच हुआ था.
2022 में बीजेपी से अलग हो गए थे नीतीश कुमार
2020 के चुनाव के बाद एनडीए की सरकार बनी, लेकिन अगस्त 2022 में बीजेपी से रिश्ता तोड़ते हुए नीतीश कुमार ने महागठबंधन का दामन थाम लिया. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी महीने में वो एक बार फिर एनडीए में शामिल हो गए.
जेडीयू-आरजेडी ने मिलकर लड़ा था 2015 का चुनाव
साल 2015 का बिहार विधानसभा चुनाव जेडीयू और राष्ट्रीय जनता दल ने मिलकर लड़ा था और बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी. हालांकि, ये गठबंधन 2017 में टूट गया था.
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें
बता दें कि बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी दल या गठबंधन के पास 122 सीटें होना जरूरी है.
बीजेपी के 80 विधायक
बिहार विधानसभा में फिलहाल बीजेपी के 80 विधायक हैं, आरजेडी के 77, जेडी(यू) के 45 और कांग्रेस के 19 विधायक हैं. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) के 11, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के 4, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के 2, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के 2, AIMIM के 1 और 2 निर्दलीय विधायक हैं.
एनडीए बनाम महागठबंधन के बीच मुकाबला
बिहार में इस बार भी अहम मुकाबला एनडीए बनाम महागठबंधन के बीच माना जा रहा है. एनडीए में जेडीयू, बीजेपी, एलजेपी (आर), जीतनराम मांझी की हम (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा जैसे दल हैं. वहीं महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई (माले), विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी), जेएमएम और राष्ट्रीय एलजेपी शामिल हैं.
चुनावी मैदान में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम इन दोनों गठबंधन में से किसी का भी हिस्सा नहीं है. 2020 के चुनाव में उनकी पार्टी पांच सीटों पर चुनाव जीतने में सफल रही थी, लेकिन बाद में उनकी पार्टी के चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे.
जन सुराज का पहला चुनाव
इस बार के विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज भी पहली बार मैदान में है. उनकी पार्टी सभी 243 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारेगी और वो बेरोजगारी, पलायन और शिक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी. इसके अलावा बिहार में एक और नई पार्टी लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल है.
1952 से बिहार में विधानसभा चुनाव की हुई थी शुरुआत
गौरतलब है कि 1952 से बिहार में विधानसभा चुनाव की शुरुआत हुई थी. इसके बाद से 2020 तक बिहार में 17 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. साल 2005 की फरवरी में हुए चुनाव में सरकार नहीं बन पाने के कारण अक्तूबर में फिर से चुनाव आयोजित करने पड़े थे.