सुंदरता के नाम पर महिलाओं को दर्दनाक सजा, बेहद अजीब हैं दुनिया की ये 7 प्रथाएं
Shocking Practices In World: सालों से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं के शरीर को लेकर कई तरह की मान्यताएं और परंपराएं चली आ रही हैं. हालांकि, इनमें से कई रिवाज सांस्कृतिक पहचान से जुड़े हैं. लेकिन इनका सीधा असर महिलाओं की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर पड़ता है.
ब्रेस्ट आयरनिंग
ब्रेस्ट आयरनिंग की प्रथा अफ्रीका के कैमरून, गिनी और चाड जैसे देशों में काफी प्रचलित है. इस प्रथा में बढ़ती उम्र की लड़कियों के स्तनों को गर्म वस्तुओं से दबाया जाता है. इस दर्दनाक प्रथा का उद्देश्य प्यूबरटी में देरी और पुरुषों का यौन आकर्षण कम करना है. यह प्रक्रिया खासतौर पर मां करती है.
लंबी गर्दन की परंपरा
म्यांमार और उत्तरी थाईलैंड के कायन समुदाय में महिलाओं की लंबी गर्दन की परंपरा है. लंबी गर्दन सुंदरता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है. यहां लड़कियां पांच साल की उम्र से ही गले में पीतल के छल्ले पहनती हैं, ताकी उनकी गर्दन लंबी हो सके.
फीमेल जेनिटल म्युटेशन
फीमेल जेनिटल म्युटेशन एक बेहद गंभीर और विवादित प्रथा है. यह प्रथा मध्य पूर्व, भारत, मलेशिया और यूरोप के प्रवासी समुदायों में निभाई जाती है. इसमें महिला जननांगों के हिस्सों को हटाने या बदलने की इस प्रक्रिया को शुद्धता और शादी के योग्य होना माना जाता है. इसे नैतिकता का मानक माना जाता है.
विधवा होने से जुड़े रिवाज
अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पति का मौत के बाद विधवाओं को काफी मुश्किल नियमों का पालन करना होता है. जिसमें इनमें यौन शुद्धिकरण या घर से बेदखल कर देना शामिल है. यह प्रथाएं मानवाधिकारों का उल्लंघन माना जाता है.
जबरदस्ती वजन बढ़ाना
मॉरिटानिया के कुछ हिस्सों में लेब्लौह प्रथा निभाई जाती है. जिसमें छोटी लड़कियों को जबरदस्ती ज्यादा मात्रा में खाना खिलाया जाता है. दरअसल, यहां ऐसा माना जाता है कि वजन बढ़ना शरीर की सुंदरता और जल्दी शादी के लिए जरुरी है.
महिलाओं के उंगली काटना
इंडोनेशिया में एक खास ‘डानी’ जनजाती के परिवार में अगर किसी सदस्य की मौत होती है, तो उस परिवार की महिला को अपनी उंगली काटनी पड़ती है. इस प्रथा को इकिपालिन (Ikipalin) कहते हैं.
मुंडवाना होता है सिर
अफ्रीका की मसाई जनजाती में शादी के बाद दुल्हन को अपना सिर मुंडवाना पड़ता है. फिर आशीर्वाद के लिए सभी लोग लड़की के शरीर पर थूकते हैं.