क्रिकेट के दो भावनात्मक पल… रिंकू का घर जानें का फैसला और सचिन की 140 रन की ऐतिहासिक पारी
Sachin Tendulkar Father Story : आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए बड़ी टेंशन की खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडिया के क्रिकेटर रिंकू सिंह अपने पिता की तबीयत बिगड़ने की वजह से कैंप से घर वापस आ गए हैं. वहीं दूसरी तरफ आज ही के दिन 22 साल पहले भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक बेहद भावनात्मक और यादगार अध्याय लिखा गया था. 1999 विश्व कप में ब्रिस्टल में खेले गए मुकाबले में सचिन तेंदुलकर ने केन्या के खिलाफ नाबाद 140 रनों की शानदार पारी खेली थी. उन्होंने सिर्फ 101 गेंदों में यह पारी खेली और भारत को दो विकेट पर 329 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचाया. यह मुकाबला तेंदुलकर के लिए खास तौर पर भावनात्मक था, क्योंकि वह अपने पिता के निधन के बाद सीधे इंग्लैंड लौटकर टीम से जुड़े थे.
विश्व कप 1999
विश्व कप 1999 में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी. पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम को हार का सामना करना पड़ा था, जहां जैक कैलिस के शानदार प्रदर्शन ने भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले तेंदुलकर को अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए भारत लौटना पड़ा. उस मुकाबले में भी भारत हार गया, जिससे टीम की स्थिति और मुश्किल हो गई. सुपर सिक्स में जगह बनाने के लिए भारत को बचे हुए सभी मैच जीतने जरूरी थे.
सचिन तेंदुलकर ने करवाई टीम की वापसी
ऐसे दबाव भरे माहौल में तेंदुलकर केन्या के खिलाफ मैच के लिए वापस लौटे और उन्होंने अपनी ऐतिहासिक पारी से टीम को संभाल लिया. उन्होंने राहुल द्रविड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 237 रनों की शानदार साझेदारी की. द्रविड़ ने भी शतक जमाया और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. इस मैच में देबाशीष मोहंती ने चार विकेट लेकर केन्या की पारी को रोकने में अहम भूमिका निभाई. भारत ने यह मुकाबला 94 रनों से जीत लिया और सुपर सिक्स में जगह बना ली.
भावनात्मक और प्रेरणादायक पारियों में से एक
हालांकि भारतीय टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन तेंदुलकर की यह पारी आज भी विश्व कप इतिहास की सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक पारियों में गिनी जाती है. तेंदुलकर टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन और शतक बनाने वाले बल्लेबाज हैं. टेस्ट में उन्होंने 15,921 रन और 51 शतक बनाए, जबकि वनडे में 18,426 रन और 49 शतक उनके नाम दर्ज हैं. 24 साल लंबे करियर में उन्होंने छह विश्व कप खेले और 2011 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा भी रहे.
रिंकू सिंह लौटे वापस घर
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए बड़ी टेंशन की खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडिया के क्रिकेटर रिंकू सिंह अपने पिता की तबीयत बिगड़ने की वजह से कैंप से घर वापस आ गए हैं. सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, रिंकू के पिता स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे हैं और अभी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. बैटर इस मुश्किल समय में अपने परिवार के साथ रहने के लिए टीम का माहौल छोड़कर चले गए हैं.
कब वापस लौटेंगे रिंकू
रिंकू टूर्नामेंट के लिए इंडिया की नेशनल क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि वह टीम में वापस आएंगे या नहीं. टीम मैनेजमेंट हालात पर करीब से नज़र रखे हुए है.
टूर्नामेंट में रिंकू सिंह का प्रदर्शन
अब तक, रिंकू का वर्ल्ड कप बल्ले से मिला-जुला रहा है, अक्सर वे बहुत कम गेंदें बची होने पर क्रीज़ पर आते हैं. उन्होंने पांच पारियों में सिर्फ 24 रन बनाए हैं, दो बार नाबाद रहे हैं और उनका बेस्ट स्कोर 11* रहा है. इस साल 10 T20I में, बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने आठ पारियों में 28.75 के एवरेज से 115 रन बनाए हैं, जिसमें 132.18 का स्ट्राइक रेट और 44* का बेस्ट स्कोर रहा है.
करो या मरो वाला मैच
टीम इंडिया गुरुवार को चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ 'करो या मरो' वाला मैच खेलेगी. सुपर आठ फेज़ के अपने पहले मैच में साउथ अफ्रीका से 76 रन से बुरी तरह हारने के बाद, मेन इन ब्लू को अपने टाइटल डिफेंस में बने रहने के लिए अपने बाकी मैच जीतने होंगे और यह भी उम्मीद करनी होगी कि साउथ अफ्रीका सुपर आठ फेज़ को बिना हारे खत्म करे.