• Home>
  • Gallery»
  • 1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल सिक्योरिटी! RBI का बड़ा नियम लागू

1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल सिक्योरिटी! RBI का बड़ा नियम लागू

RBI Guidelines April 2026: भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 अप्रैल 2026 से सभी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य कर दिया है. इसका उद्देश्य बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकना और यूजर्स की सुरक्षा को मजबूत करना है.


By: Shubahm Srivastava | Published: March 23, 2026 9:27:24 PM IST

1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल सिक्योरिटी! RBI का बड़ा नियम लागू - Photo Gallery
1/8

2FA हुआ अनिवार्य

नए नियम के तहत हर ऑनलाइन पेमेंट के लिए कम से कम दो स्तर की सुरक्षा जरूरी होगी. यानी ट्रांजैक्शन को पूरा करने से पहले यूजर को दो अलग-अलग तरीकों से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी.

1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल सिक्योरिटी! RBI का बड़ा नियम लागू - Photo Gallery
2/8

किन तरीकों से होगा वेरिफिकेशन

यूजर्स को पासवर्ड, पिन, ओटीपी, फिंगरप्रिंट या फेस आईडी जैसे विकल्पों का उपयोग करना होगा. इनमें से कम से कम एक तरीका डायनामिक यानी हर बार बदलने वाला होना जरूरी है, ताकि सुरक्षा और मजबूत हो सके.

1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल सिक्योरिटी! RBI का बड़ा नियम लागू - Photo Gallery
3/8

बढ़ते फ्रॉड के चलते फैसला

पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़े हैं, लेकिन इसके साथ ही फिशिंग, हैकिंग और अनधिकृत ट्रांजैक्शन के मामले भी बढ़े हैं. इसी को देखते हुए RBI ने यह सख्त कदम उठाया है.

1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल सिक्योरिटी! RBI का बड़ा नियम लागू - Photo Gallery
4/8

OTP अब पर्याप्त नहीं

पहले ज्यादातर ट्रांजैक्शन ओटीपी पर निर्भर थे, लेकिन अब इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा. हैकर्स नए-नए तरीकों से ओटीपी चुरा लेते हैं, जिससे धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं.

1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल सिक्योरिटी! RBI का बड़ा नियम लागू - Photo Gallery
5/8

फ्रॉड की जिम्मेदारी बैंक पर

नई गाइडलाइंस के अनुसार, अगर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं होता और फ्रॉड होता है, तो इसकी जिम्मेदारी बैंक या पेमेंट कंपनी की होगी. ग्राहक को नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा.

1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल सिक्योरिटी! RBI का बड़ा नियम लागू - Photo Gallery
6/8

रिस्क-बेस्ड ऑथेंटिकेशन लागू

RBI ने रिस्क-बेस्ड ऑथेंटिकेशन भी लागू किया है. इसका मतलब है कि हर ट्रांजैक्शन के जोखिम के अनुसार सुरक्षा स्तर तय किया जाएगा—छोटे ट्रांजैक्शन में कम जांच और बड़े में ज्यादा वेरिफिकेशन.

1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल सिक्योरिटी! RBI का बड़ा नियम लागू - Photo Gallery
7/8

अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन पर भी लागू

यह नियम केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगा. अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन पेमेंट पर भी इसे लागू किया जाएगा, जिसकी समय सीमा 1 अक्टूबर 2026 तय की गई है.

1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल सिक्योरिटी! RBI का बड़ा नियम लागू - Photo Gallery
8/8

सुरक्षा और सुविधा का संतुलन

इस नए सिस्टम का मकसद यूजर्स को अधिकतम सुरक्षा देना है, बिना उनकी सुविधा को प्रभावित किए. इससे डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर भरोसा और मजबूत होने की उम्मीद है.