नेचुरल इलाज का कमाल! पथरी को जड़ से खत्म कर देगा ये पौधा, ऐसे करें इस्तेमाल
Punarnava Health Benefits: उत्तर पर्देश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई में एक ऐसा पौधा पाया जाता है. जो कई बीमारियों को खत्म करने में फायदेमंद माना जाता है. यह पौधा खेतों व घर के आसपास खाली पड़ी जमीन पर आराम से मिल जाता है. पुनर्नवा एक ऐसा औषधीय पौधा है, जिसे आयुर्वेद में काफी अहम माना जाता है. यह पौधा सूजन से लेकर बीमारियों को खत्म करने के लिए फायदेमंद माना जाता है.
ब्लड प्रेशर के लिए लाभदायक
पुनर्नवा को ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए भी जरूरी माना जाता है. इसका पाउडर बनाकर शहद के साथ खाने से ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है. इसके अलावा विटामिन-C, विटामिन-B और कई पोषक तत्व इस पौधे में पाए जाते हैं.
कहां पाया जाता है ये पौधा?
पुनर्नवा एक खाली जमीन पर घास का पौधा है. जो उन जगहों पर पाया जाता है, जहां नमी और बारिश अधिक होती है. अगर आप किडनी की समस्या से परेशान हैं, तो यह पौधा आपको इस परेशानी से छुटकारा दिला सकता है. पुनर्नवा का सेवन चाय या काढ़े के तौर पर भी किया जाता है. इसकी पत्तियां, जड़ और तना को उबालकर चाय या काढ़ा बनाया जाता है.
पेट से जुड़ी समस्या
पुनर्नवा को भोजन से पहले इसका रस पीने से कब्ज, गैस और पेट दर्द जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है. यह सेहत के लिए कमाल का पौधा है.
वजन में भी कारगर
अगर आप भी वजन जैसी समस्या से परेशान रहते हैं, अधिक वजन होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में पुनर्नवा का पौधा बहुत फायदेमंद माना जाता है.
प्रचुर मात्रा में फाइबर
पुनर्नवा के पौधों के रस का सेवन करने से वजन जैसी समस्या से राहत पाने के लिए भी किया जाता है. क्योंकि इस पौधो में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है.
तनाव में भी लाभदायक
आज की लाइफस्टाइल में अक्सर तनाव की समस्या देखी जा रही है. कई बार लोगों को नींद ना आने की समस्या का भी सामना करना पड़ता है. ऐसे में हम आपको पुनर्नवा तनाव जैसी समस्याओं से आपको राहत दिला सकता है. क्योंकि इसमें एंटी स्ट्रैस और एंटीडिप्रेसेंट गुण पाए जाते हैं.
पथरी के लिए वरदान
आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, बदलते खान पान के कारण पथरी की समस्या काफी देखी जाती है. यह पौधा पथरी से छुटकारा पाने में भी मददगार साबित होता है. पुनर्नवा को कुछ लोग पत्थरी भाजी भी कहते हैं. इसमें पोटेशियम की मात्रा बहुत ज्यादा है. जिससे शरीर में ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन रेट की प्रक्रिया को बढ़ जाती है.