New Year in India: कहीं नवरात्र तो कहीं नवरेह… देशभर में अलग-अलग नाम और अंदाज से मनाया जाता है नववर्ष
New Year in India: भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है, जहां एक ही साल में अलग-अलग समय पर कई बार नववर्ष मनाया जाता है. भारत में सिर्फ 1 जनवरी ही नहीं, बल्कि पूरे साल में अलग-अलग परंपराओं और कैलेंडर के आधार पर करीब 9 बार नववर्ष मनाया जाता है.
जनवरी वैश्विक नववर्ष का जश्न
पूरी दुनिया में नववर्ष दिवस यानी 1 जनवरी को नए साल की शुरुआत मानी जाती है. भारत में भी इस दिन बड़े स्तर पर जश्न होता है, जो ग्रेगोरियन (अंग्रेजी) कैलेंडर पर आधारित है.
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष
हिंदू नववर्ष या नवसंवत्सर की शुरुआत चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से होती है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी. यही दिन विक्रम संवत के नए साल की शुरुआत भी माना जाता है, जो आमतौर पर मार्च-अप्रैल में पड़ता है.
गुड़ी पड़वा, दक्षिण और पश्चिम भारत का नववर्ष
महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और दक्षिण भारत के राज्यों में उगादि को नए साल के रूप में मनाया जाता है. यह भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही पड़ता है.
नवरेह, कश्मीर का चंद्र नववर्ष
नवरेह कश्मीर में मनाया जाने वाला नववर्ष है, जिसे कश्मीरी पंडित समुदाय बड़े उत्साह के साथ मनाता है. यह भी चैत्र नवरात्र के पहले दिन मनाया जाता है.
विषु: केरल का नववर्ष
दक्षिण भारत के केरल में विषु को नए साल के रूप में मनाया जाता है. यह आमतौर पर अप्रैल महीने में आता है और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.
बैसाखी: सिख नववर्ष और फसल उत्सव
बैसाखी पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में धूमधाम से मनाया जाता है. यह न केवल सिख नववर्ष की शुरुआत है, बल्कि नई फसल के आगमन का भी प्रतीक है.
बिहू: असम का नववर्ष
असम में बोहाग बिहू के साथ नए साल की शुरुआत होती है. यह पर्व कृषि और प्रकृति से जुड़ा हुआ है और बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है.
नवरोज: पारसी समुदाय का नया साल
नवरोज पारसी समुदाय का प्रमुख नववर्ष है, जिसे जमशेदी नवरोज भी कहा जाता है. यह उत्सव वसंत ऋतु में मनाया जाता है.
आषाढ़ी बीज: कच्छ का नववर्ष
गुजरात के कच्छ क्षेत्र में आषाढ़ी बीज को नए साल के रूप में मनाया जाता है. यह स्थानीय परंपराओं और संस्कृति का अहम हिस्सा है.
भारत में 9 बार मनाया जाता है नववर्ष
भारत में विभिन्न धर्मों और राज्यों के अनुसार सालभर में कई बार नववर्ष मनाया जाता है. इनमें बैसाखी, जूड़ शीतल (बिहार-झारखंड), बोहाग बिहू (असम), गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र), उगादि (दक्षिण भारत), नवरोज (पारसी), विषु (केरल), पोहेला बोइशाख (पश्चिम बंगाल) और इस्लामी नववर्ष (मुहर्रम) शामिल हैं.