LPG Price Hike: आम जनता की फिर बढ़ी टेंशन! युद्ध की आग में महंगा हुआ गैस सिलेंडर; यहां जानें दिल्ली से लेकर मुंबई तक के दाम
LPG Cylinder: जब भी किसी देश में तनाव बढ़ता है तो इसका सीधा असर भारत की आम जनता पर पड़ता है. ईरान-इजराइल में चल रही जंग की वजह से कई देशों को बुरे दौर से गुजरना पड़ रहा है. आयात-निर्यात में एक बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है. दरअसल, US, इज़राइल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के बीच आम जनता पर महंगाई की मार पड़ी है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है. और ऐसा उस समय हुआ है जब देश में त्योहारों से लेकर शादियों तक का सीजन चल रहा है. जानकारी के मुताबिक 14.2 kg वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ गई है. सूत्रों के मुताबिक, बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं. इससे पहले, शुक्रवार (6 मार्च) को सरकार ने देश की सभी LPG रिफाइनरियों को LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश दिया था.
जानें राजधानी के दाम
न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 kg वाला LPG सिलेंडर, जिसकी कीमत पहले ₹853 थी, अब ₹913 का हो जाएगा. वहीं अब दिल्ली की जनता को महंगाई को लेकर चिंता बढ़े जा रही है.
कमर्शियल LPG के दामों में हुई कितनी बढ़ोतरी
वहीं बता दें कि घरेलू रसोई गैस के अलावा, बाहर खाना भी महंगा हो सकता है. कमर्शियल LPG (19 kg सिलेंडर) की कीमत में भारी ₹115 की बढ़ोतरी की गई है.
यहां जानें अपने शहर का हाल
बताते चलें कि दिल्ली में, 19 kg का कमर्शियल सिलेंडर अब ₹1,883 का होगा, जबकि मुंबई में इसकी कीमत बढ़कर ₹1,835 हो गई है. अन्य राज्यों का भी कुछ ऐसा ही हाल है.
बढ़ेगा LPG प्रोडक्शन
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट को देखते हुए भारत सरकार ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाए हैं. 6 मार्च को सरकार ने सभी सरकारी और प्राइवेट तेल रिफाइनरियों को कुकिंग गैस (LPG) का प्रोडक्शन बढ़ाने का निर्देश दिया.
क्यों बढ़ाए पैसे
वहीं इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि अगर इंटरनेशनल तनाव की वजह से सप्लाई में रुकावट आती है, तो देश में गैस की उपलब्धता पर कोई खास असर न पड़े.
ईरान-इजराइल वॉर बनी वजह
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईरान इजराइल में चल रही वॉर के कारण तेल की सप्लाई में एक बड़ी रुकावट आ गई थी. क्यों भारत में तेल गल्फ कंट्री से ही आता था. वहीं अब बढ़ते तनाव के साथ साथ तेल की सप्लाई पर भी खतरा मंडराने लगा है. जिसके चलते ये कदम उठाया गया है.