India-US trade Agreement: अमेरिका को झटका? ट्रेड डील में भारत ने खींची लक्ष्मण रेखा, खेती-डेयरी सेक्टर पर नो-कम्प्रोमाइज, देखें लिस्ट
India-US Trade Deal: हाल ही में भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर आ रही है. दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर अंतरिम समझौते पर मुहर लग गई है. जिसकी वजह से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30000 अरब डॉलर का बाजार खोलाज जाएगा. वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार इस बात की जानकारी दी है. आपको बताते चलें कि इस फ्रेमवर्क के मुताबिक भारत ने अपने संवेदनशील कृषि क्षेत्रों जैसे गेहूं, चावल, मक्का, सोयाबीन, पोल्ट्री, दूध, चीज, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस को पूरी तरह से सुरक्षित रखा है. दरअसल, भारत ने अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कुछ कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म या कम करने का वादा किया है, लेकिन कुछ ही क्षेत्रों में.
जानें कृषि क्षेत्र में क्या खुला है?
भारत ने अमेरिकी उत्पादों जैसे ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs) और रेड सोरघम (पशु चारे के लिए), ट्री नट्स (जैसे बादाम, अखरोट आदि), ताजा और प्रोसेस्ड फ्रूट्स, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स आदि पर टैरिफ कम या खत्म करने पर सहमति जताई है. ये मुख्य रूप से पशु आहार, नट्स और फलों से जुड़े हैं.
जानें कृषि क्षेत्र में क्या बंद है?
भारत सरकार ने साफ किया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में कोई समझौता नहीं हुआ है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों और ग्रामीण आजीविका की रक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की गई है. गेहूं, चावल, दूध और डेयरी उत्पादों जैसे मुख्य आइटम्स को डील से लगभग पूरी तरह बाहर रखा गया है. यह भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति है कि कृषि क्षेत्र को बड़े पैमाने पर विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाया जाए.
अनाज रखा गया सुरक्षित
भारतीय अनाज बाजार को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है, जिसमें अनाज के तौर पर गेहूं, चावल, मक्का, जौ, ज्वार और रागी शामिल है.
मोटा अनाज भी सुरक्षित
इसके अलावा मोटा अनाज भी सुरक्षित रखा गया है जिसमे बाजरा, कोदो, कांगनी, ओट्स, श्यामक और अमरंथ शामिल है.
डेयरी उत्पाद
भारतीय डेयरी क्षेत्र, जो करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका का आधार है, उसे पूर्ण संरक्षण दिया गया है जिसमे दूध (तरल, पाउडर, कंडेंस्ड), क्रीम और बटर मिल्क शामिल है. और घी, मक्खन, बटर ऑयल, योगहर्ट और पनीर, मोज़ेरेला, ब्लू वेंड, ग्रेडेड/पाउडर्ड चीज और व्हे प्रोडक्ट्स भी इसमें शामिल है.
मसाले और औषधीय जड़ी-बूटियां
भारतीय मसालों की वैश्विक साख को देखते हुए, जिन श्रेणी में व्यापक सुरक्षा दी गई है उनमे काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, धनिया, जीरा, हल्दी, अदरक, हींग , सूखी हरी मिर्च, अजवाइन, मेथी, सरसों, राई, भूसी, चक्रमर्द, कैसिया और अन्य सभी पाउडर मसाले शामिल हैं.
सब्जियां और फल
ताजी और फ्रोजन दोनों प्रकार की सब्जियों और फलों को इस समझौते में संरक्षित श्रेणी में रखा गया है जिसमे सब्जियां: आलू, प्याज, मटर, फलियां, मशरूम, तोरी, कुंदरू, भिंडी, कद्दू, लहसुन, खीरा, शिमला मिर्च, काबुली चना और शकरकंद. फल: केला, आम, स्ट्रॉबेरी, संरक्षित चेरी, इमली और सिंघाड़ा गिरी. ड्राई फ्रूट्स: सूखा आलू बुखारा, सूखा सेब और अन्य सूखे फल. साइट्रस फल: संतरा, मैंडरिन, चकोतरा, नींबू, अंगूर और अन्य साइट्रस फल शामिल हैं.