Holi 2026: तीन साल, तीन ग्रहण, क्या 2026 की होली बनेगी इतिहास की सबसे अनोखी होली?
Holi 2026: 3 मार्च 2026 को Holi का पर्व देशभर में मनाया जाएगा, लेकिन इस बार ये खगोलीय दृष्टि से अत्यंत विशेष है. लगातार तीसरे साल होली के दिन Chandra Grahan लग रहा है. खास बात ये है कि इस साल ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिससे सूतक काल और होलिका दहन के मुहूर्त में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं.
लगातार तीसरा संयोग
2024, 2025 और 2026 तीनों सालों में होली के दिन चंद्र ग्रहण का पड़ना एक दुर्लभ ‘हैट्रिक’ है. ऐसा संयोग खगोलीय दृष्टि से अत्यंत कम देखने को मिलता है.
पूर्णिमा और ग्रहण का संबंध
चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को ही होता है. चूंकि होली फाल्गुन पूर्णिमा को मनाई जाती है, इसलिए दोनों का एक साथ होना संभव है, पर लगातार तीन वर्ष होना असाधारण है.
वर्ष 2024 की स्थिति
25 मार्च 2024 को उपच्छाया चंद्र ग्रहण था, जो भारत में दिखाई नहीं दिया. इसलिए सूतक काल मान्य नहीं हुआ और त्योहार सामान्य रूप से मनाया गया.
वर्ष 2025 की स्थिति
14 मार्च 2025 को पूर्ण चंद्र ग्रहण (ब्लड मून) लगा, लेकिन भारत में दिन होने के कारण ये दिखाई नहीं दिया. धार्मिक अनुष्ठानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा.
साल 2026 का विशेष प्रभाव
3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण शाम के समय भारत में दिखाई देगा. इसके कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल लागू होगा.
सूतक काल का नियम
चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले आरंभ हो जाता है. इस अवधि में पूजा-पाठ और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं.
होलिका दहन का बदला मुहूर्त
आमतौर पर होलिका दहन प्रदोष काल में होता है, पर इस बार ग्रहण के कारण इसे देर रात (ग्रहण समाप्ति के बाद) या 4 मार्च की ब्रह्म मुहूर्त में करने की सलाह दी गई है.