जंग का असर जेब पर! इंडस्ट्रियल डीजल के दामों में उछाल, आम आदमी पर पड़ेगा असर
Diesel Price Increase: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के साथ-साथ इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी की है. यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब पहले से ही महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है.
जंग से बढ़ा तेल संकट
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल मचा दी है. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है.
भारत में ईंधन कीमतों पर असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के चलते भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव शुरू हो गया है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कई ईंधन उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं.
इंडस्ट्रियल डीजल महंगा
सबसे ज्यादा असर इंडस्ट्रियल डीजल पर पड़ा है, जिसकी कीमत में करीब 22 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी हुई है. यह अब 87.67 रुपये से बढ़कर 109.59 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
IOC का बड़ा फैसला
इस बढ़ोतरी को Indian Oil Corporation ने लागू किया है. कंपनी के इस फैसले से उद्योगों और बड़े उपभोक्ताओं की लागत में सीधा इजाफा होगा.
इंडस्ट्रियल डीजल क्या है?
इंडस्ट्रियल या बल्क डीजल का इस्तेमाल आम गाड़ियों में नहीं होता. यह मुख्य रूप से फैक्ट्रियों, मॉल, डेटा सेंटर और बड़ी बिल्डिंग्स के जनरेटर में उपयोग किया जाता है.
कहां-कहां होता है इस्तेमाल
इसके अलावा भारी मशीनें जैसे JCB, बुलडोजर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी इसका उपयोग होता है. यह डीजल बिना सब्सिडी के बाजार दरों पर मिलता है.
आम आदमी पर असर
भले ही आम लोग इसे सीधे इस्तेमाल नहीं करते, लेकिन इसकी कीमत बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ेगी. इसका असर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में दिखेगा.
पेट्रोल भी हुआ महंगा
इसी बीच ऑयल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में भी 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. नई दरें 20 मार्च 2026 से लागू हो चुकी हैं, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका है.