Budget 2026: ITR Filing : 1 अप्रैल 2026 से आसान हो जाएगा आईटीआर फाइल करना, मिडिल क्लास को बड़ी राहत; यहां जानें कैसे
New Income Tax Act 2026: बजट 2026 में सरकार ने मिडिल क्लास और नौकरीपेशा टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देने वाला एक अहम फैसला लिया है. ऐलान किया गया है कि 1 अप्रैल 2026 से देश में नया Income Tax Act लागू होगा. इसका मकसद इनकम टैक्स सिस्टम को सरल, स्पष्ट और आम लोगों के लिए आसानी से समझने योग्य बनाना है. यह बदलाव खास तौर पर उन टैक्सपेयर्स के लिए राहत लेकर आएगा, जो हर साल ITR (Income Tax Return) फाइलिंग के दौरान सेक्शन की जटिलता, डिडक्शन को लेकर कन्फ्यूजन और नोटिस के डर से परेशान रहते हैं.
इनकम टैक्स कानून (1961)
वर्तमान में लागू इनकम टैक्स कानून वर्ष 1961 का है. बीते 60 से ज्यादा वर्षों में इसमें सैकड़ों संशोधन, अपवाद और स्पष्टीकरण जोड़े गए, जिससे यह कानून बेहद जटिल और भारी हो गया. नतीजतन, एक सामान्य नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए इसे समझना मुश्किल हो गया है और उसे हर साल CA या टैक्स एक्सपर्ट की मदद लेनी पड़ती है. छोटी-सी गलती पर नोटिस आने का डर भी टैक्सपेयर्स पर हमेशा बना रहता है. सरकार का मानना है कि टैक्स कानून ऐसा होना चाहिए जिसे आम नागरिक खुद पढ़कर समझ सके, इसी सोच के तहत नया Income Tax Act लाया जा रहा है.
नया इनकम टैक्स कानून होगा आसान
सरकार के अनुसार नया इनकम टैक्स कानून “Simpler, Shorter and Clearer” होगा. यानी इसकी भाषा ज्यादा आसान होगी, गैर-जरूरी और दोहराए गए सेक्शन हटाए जाएंगे और एक ही विषय से जुड़े नियमों को एक जगह व्यवस्थित किया जाएगा. इससे टैक्सपेयर्स को यह समझने में आसानी होगी कि उन्हें किन नियमों का पालन करना है और किन बातों से बचना है.
नौकरीपेशा और सैलरीड क्लास को मिलेगा फायदा!
नए Income Tax Act का सबसे बड़ा फायदा नौकरीपेशा और सैलरीड क्लास को मिलने की उम्मीद है. सैलरी इनकम, स्टैंडर्ड डिडक्शन और TDS से जुड़े नियम ज्यादा स्पष्ट होंगे, जिससे अलग-अलग सेक्शन में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकार का फोकस है कि नौकरीपेशा लोग बिना किसी डर और ज्यादा मदद के खुद अपना ITR भर सकें. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ITR फाइलिंग के दौरान होने वाली गलतियां भी कम होंगी.
टैक्स ऑफिस या CA के चक्कर लगाना होगा बंद
यह राहत सिर्फ नौकरीपेशा लोगों तक सीमित नहीं रहेगी. छोटे कारोबारी, फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स के लिए भी नए कानून में नियमों को सरल बनाया जाएगा. सरकार टैक्स कंप्लायंस को कम करने, अनावश्यक रिपोर्टिंग खत्म करने और छोटे टैक्सपेयर्स पर से कानूनी बोझ घटाने की योजना बना रही है. इससे छोटे व्यापारियों को बार-बार टैक्स ऑफिस या CA के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे अपने काम पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे.
क्या बदलेगी टैक्स दरें?
सरकार ने यह भी साफ किया है कि नया Income Tax Act लाने का मकसद फिलहाल टैक्स दरें या स्लैब बदलना नहीं है. टैक्स स्लैब और रेट्स में बदलाव आगे चलकर अलग से बजट के जरिए किए जाएंगे. नया कानून मुख्य रूप से टैक्स सिस्टम की भाषा और संरचना को सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाने पर केंद्रित होगा.
फाइलिंग में गलतियां और नोटिस आने की घटेगी
जब नियम स्पष्ट होंगे और प्रोसेस आसानी से समझ में आएगा, तो ITR फाइलिंग में गलतियां कम होंगी और नोटिस आने की संभावना भी घटेगी. इससे टैक्सपेयर्स और इनकम टैक्स विभाग के बीच भरोसा बढ़ेगा. इसी वजह से सरकार इस सुधार को “Taxpayer Friendly Reform” के तौर पर पेश कर रही है.
मिडिल क्लास को लंबे समय की राहत
मिडिल क्लास वह वर्ग है जो समय पर टैक्स देता है और नियमों का पालन करता है, लेकिन सिस्टम की जटिलता से सबसे ज्यादा परेशान रहता है. अगर 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया Income Tax Act अपने वादों पर खरा उतरता है, तो यह मिडिल क्लास के लिए लंबे समय की राहत साबित हो सकता है और आने वाले वर्षों में ITR फाइल करना तनाव नहीं, बल्कि एक आसान औपचारिकता बन सकता है.
रक्षा बजट 14.5% बढ़ा
इस साल बजट में रक्षा मंत्रालय को ₹7.8 लाख करोड़ का बजट (Budget 2026) आवंटित किया गया है. यह पिछले साल वित्त वर्ष की तुलना में 14.5% अधिक है. इस बार बजट में देश की तीनों सेनाओं को दुनिया के सबसे आधुनिक और मेड इन इंडिया हथियारों से लैस हो सकें.