• Home>
  • Gallery»
  • Tarique Rahman: तारिक के शासन में क्या हिन्दुओं को मिलेगा चैन या?  जियाउर रहमान के बेटे से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिसे जानकर नहीं होगा यकीन

Tarique Rahman: तारिक के शासन में क्या हिन्दुओं को मिलेगा चैन या?  जियाउर रहमान के बेटे से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिसे जानकर नहीं होगा यकीन

Tarique Rahman | Bangladesh Election 2026: शेख हसीना के बाद अब बांग्लादेश की कमान तारिक रेहमान के हाथ आने वाली है. कहीं न कहीं ये बात तय है कि तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बनने वाले हैं. आपको बता दें कि तारिक रहमान की लीडरशिप वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर ली है. अब तक के नतीजों और ट्रेंड्स से पता चलता है कि पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिला है. तारिक न सिर्फ बांग्लादेश के लंबे समय से राज करने वाले परिवार के वारिस हैं; बल्कि उन्होंने आज खुद को देश का सबसे ताकतवर नेता भी साबित किया है. अब ये बांग्लादेश की गद्दी संभालेंगे. वहीं आज हम आपको  तारिक से जुड़ी कुछ ऐसी बाते बताने  वाले हैं जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. 


By: Sujeet Kumar | Last Updated: February 13, 2026 12:12:14 PM IST

Tarique Rahman: तारिक के शासन में क्या हिन्दुओं को मिलेगा चैन या?  जियाउर रहमान के बेटे से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिसे जानकर नहीं होगा यकीन - Photo Gallery
1/7

पाक से है खास नाता

ऐसे ही नहीं तारिक रहमान देश संभालने चले हैं. उनकी जड़े शुरू से ही राजनीति से जुड़ी हैं. बता दें कि उनकी मुख्य पहचान यह है कि वो ज़ियाउर रहमान और खालिदा ज़िया के बेटे हैं. उनका जन्म 1967 में हुआ था, जब बांग्लादेश को ईस्ट पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था, जिसका मतलब है कि यह अभी भी आज के पाकिस्तान का हिस्सा था.

Tarique Rahman: तारिक के शासन में क्या हिन्दुओं को मिलेगा चैन या?  जियाउर रहमान के बेटे से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिसे जानकर नहीं होगा यकीन - Photo Gallery
2/7

4 साल की उम्र में गए जेल

1971 के लिबरेशन वॉर (बांग्लादेश की आज़ादी की लड़ाई) के दौरान, तारिक सिर्फ़ चार साल के थे और उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था. इसी वजह से, उनकी पार्टी, BNP, उन्हें "सबसे कम उम्र के युद्ध कैदियों में से एक" मानती है.

Tarique Rahman: तारिक के शासन में क्या हिन्दुओं को मिलेगा चैन या?  जियाउर रहमान के बेटे से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिसे जानकर नहीं होगा यकीन - Photo Gallery
3/7

शेख हसीना से 36 का आंकड़ा

बता दें कि  रहमान के पिता, ज़ियाउर रहमान,आर्मी कमांडर थे. 1975 के तख्तापलट के बाद उन्होंने धीरे-धीरे सत्ता पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली. उसी साल, बांग्लादेश के फाउंडिंग लीडर और शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या कर दी गई. इस घटना ने ज़िया और हसीना परिवारों के बीच एक लंबी लकीर खींच दी, जिसे आमतौर पर "बेगमों की लड़ाई" के नाम से जाना जाता है.

Tarique Rahman: तारिक के शासन में क्या हिन्दुओं को मिलेगा चैन या?  जियाउर रहमान के बेटे से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिसे जानकर नहीं होगा यकीन - Photo Gallery
4/7

जानें इनकी शिक्षा

कुछ साल बाद, ज़ियाउर रहमान की भी हत्या कर दी गई, जब तारिक रहमान सिर्फ़ 15 साल के थे. बाद में उनकी परवरिश उनकी माँ की छत्रछाया में हुई, जो देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. BNP के मुताबिक, तारिक रहमान ने 23 साल की उम्र में एक्टिव पॉलिटिक्स में आने से पहले ढाका यूनिवर्सिटी में कुछ समय के लिए इंटरनेशनल रिलेशंस की पढ़ाई की थी. फिर वह मिलिट्री रूलर हुसैन मुहम्मद इरशाद के खिलाफ मूवमेंट के दौरान BNP में शामिल हो गए.

Tarique Rahman: तारिक के शासन में क्या हिन्दुओं को मिलेगा चैन या?  जियाउर रहमान के बेटे से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिसे जानकर नहीं होगा यकीन - Photo Gallery
5/7

फिर गए जेल

2007 में, उन्हें करप्शन के चार्ज में अरेस्ट किया गया था. उन्होंने जेल में फिजिकल और मेंटल टॉर्चर का आरोप लगाया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी रिहाई पॉलिटिक्स से दूर रहने की शर्त पर हुई थी. उस साल रिहा होने के बाद, वह 2008 में इलाज के लिए लंदन चले गए और फिर कभी बांग्लादेश नहीं लौटे.

Tarique Rahman: तारिक के शासन में क्या हिन्दुओं को मिलेगा चैन या?  जियाउर रहमान के बेटे से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिसे जानकर नहीं होगा यकीन - Photo Gallery
6/7

फिर रखा राजनीति में कदम

शेख हसीना के हटने और अपनी मां की खराब सेहत के बाद, उन्होंने एक बार फिर बांग्लादेशी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी. अपनी मां खालिदा की मौत के बाद, उन्हें BNP प्रमुख नियुक्त किया गया. वहीं अब ये देश संभालने के लिए तैयार हैं.

Tarique Rahman: तारिक के शासन में क्या हिन्दुओं को मिलेगा चैन या?  जियाउर रहमान के बेटे से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिसे जानकर नहीं होगा यकीन - Photo Gallery
7/7

क्या हिंदुओं को मिलेगा सुकून या...

हाल के वर्षों में BNP नेतृत्व की ओर से यह कहा गया है कि वे सत्ता में आने पर सभी धर्मों के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे. लेकिन आपको ये भी बता दें कि अतीत में बांग्लादेश में हुए कुछ साम्प्रदायिक तनाव और हिंसा के मामलों में BNP सरकार (खासकर 2001–2006 के कार्यकाल) पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे. कई लोगों का कहना है कि उस समय हिन्दुओं पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी थीं.