Ashwin Purnima Kab Hai 2025: कब है अश्विन पूर्णिमा? जाने यहां तारीख और स्नान-दान का सबसे शुभ मुहूर्त के साथ चंद्रोदय का भी समय
Ashwin Purnima 2025 Date And Time: अश्विन पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा या रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. इस पूर्णिमा को मानसून के अंत का प्रतीक भी माना जाता है. तो चलिए जानते हैं कि साल 2025 में आश्विन पूर्णिमा कब पड़ रही है.
हिंदू धर्म में पूर्णिमा का महत्व
हिंदू धर्म में पूर्णिमा का बेहद महत्व होता है, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि का प्रतीक है. पूर्णिमा के दिन व्रत, पूजा-पाठ और दान किया जाता है और कहा जाता है कि ऐसा करने से सुख-समृद्धि और मनोकामनाएं पूरी होती है.
पूर्णिमा कब आती है?
हिंदू कैलेंडर के अनुसार पूर्णिमा हर महीने में एक बार आती है, जो शुक्ल पक्ष का 15वां और अंतिम दिन होता है. इसके अलावा चंद्रमा का आकार पूर्ण होता है. अगली पूर्णिमा कब है
अश्विन पूर्णिमा कब है?
अभी आश्विन कृष्ण पक्ष चल रहा है, जो 21 सितंबर 2025 तक रहेगा, इसके बाद आश्विन शुक्ल पक्ष 22 सितंबर, 2025 को रात 01:23 बजे से शुरू हो जाएगी और इस दिन पहला नवरात्र भी है. वहीं अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 6 अक्टूबर को पड़ रही है.
अश्विन पूर्णिमा का समय
अश्विन पूर्णिमा तिथि 6 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से शुरू हो रही है, जो 7 अक्टूबर सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगी
अश्विन पूर्णिमा के बारे में
अश्विन पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है और यह पूर्णिमा मानसून के अंत का प्रतीक है.
अश्विन पूर्णिमा के दिन चंद्रमा होता है सोलह कलाओं से परिपूर्ण
कहा जाता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणों से अमृत की वर्षा होती है. इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा का विधान है. इसके अलावा ये भी मान्यात है कि अश्विन पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की जन्म हुआ है.
अश्विन पूर्णिमा के दिन गंगा में होता है अमृत
अश्विन पूर्णिमा के दिन गंगा में अमृत तुल्य गुण होते हैं. ऐसे में कहा जाता है कि, जो भी व्यक्ति सूर्योदय से पहले गंगा स्नान करता है, उसे अमृत की प्राप्ति होती है और उस व्यक्ति का सारे पाप खत्म हो जाते हैं, साल 2025 में अश्विन पूर्णिमा पर स्नान मुहूर्त सुबह 4 बजकर 39 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा.
अश्विन पूर्णिमा के दिन होगी मनोकामनाएं पूरी
अश्विन पूर्णिमा के दिन व्रत, पूजा-पाठ और दान करने का भी विधान है और कहा जाता है ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
चांद होगा पृथ्वी के बेहद करीब
अश्विन पूर्णिमा के दिन चांद पृथ्वी से बेहद करीब होता है, मान्यता है कि इस दिन जो चांद की पूजा करता है या फि उसकी चांदनी में थोड़ी देर रहता है उसे निरोगी और खूबसूरत काया मिलती है.
अश्विन पूर्णिमा के दिन करने वाले उपाय
अश्विन पूर्णिमा के दिन चंद्रमा शाम 5 बजकर 27 मिनट पर होगा. इस दिन जल में दूध, चावल और सफेद फूल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और "ॐ सों सोमाय नमः का 108 बार जाप करना चाहिए. इसके अलावा मां लक्ष्मी को पान के पत्ते पर सुपारी और लौंग रखकर अर्पित करना चाहिए, ऐसा करने से देवी खुश होती है और जमकर धन की वर्षा करती हैं.