‘अगस्त में सर्जरी ने मुझसे सब कुछ छीन लिया’, पढ़िए आर्यन से अनाया बनी संजय बांगड़ की बेटी का दर्द भरा मैसेज !
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर आजकल अपनी जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी और पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन की वजह से सुर्खियों में हैं. अनाया सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और अक्सर अपनी पर्सनल ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव शेयर करती रहती हैं. उनके लिए साल 2025 एक “रोलर कोस्टर राइड” जैसा रहा है, जिसने उनकी फिजिकल पहचान और मानसिक स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया है.
साल 2025 की चुनौतीपूर्ण शुरुआत
अनाया के लिए साल 2025 की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रही. उन्होंने बताया कि यह साल आराम से नहीं आया, बल्कि इसकी शुरुआत उन आंतरिक लड़ाइयों से हुई जिन्हें दुनिया देख नहीं सकती थी. जनवरी का महीना उनके लिए केवल 'सर्वाइवल' यानी खुद को बचाए रखने का समय था, जहाँ वे बिना किसी रणनीति के बस जीने की कोशिश कर रही थीं.
उम्मीदों के बोझ से मुक्ति
अपने संघर्षों को साझा करते हुए अनाया ने लिखा कि वे जनवरी में खुद से, अपने डर से और अपने अतीत से लड़ रही थीं. उनके ऊपर उन सामाजिक उम्मीदों का भारी बोझ था, जिन्हें उठाने की जिम्मेदारी उन्होंने कभी नहीं मांगी थी. यह समय उनके लिए अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़ने और नई पहचान को स्वीकार करने की मानसिक तैयारी का था.
भारत वापसी और असल पहचान
अप्रैल महीने में अनाया के जीवन में एक बड़ा मोड़ आया जब वे अपने असली रूप में भारत लौटीं. उन्होंने इस वापसी को 'पूरी तरह से घर लौटना' बताया। उन्होंने साफ किया कि वे अब किसी डर के साये में नहीं, बल्कि अपनी पूरी सच्चाई के साथ दुनिया के सामने खड़ी थीं, चाहे वह किसी को पसंद आए या नहीं.
विरोध और साहस का अनुभव
भारत वापसी के दौरान उन्हें मिली-जुली प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा. अनाया ने साझा किया कि घर लौटने का मतलब उनके लिए कहीं प्यार पाना था, तो कहीं कड़े विरोध का सामना करना. उन्होंने इस दौरान सीखा कि हिम्मत हमेशा शोर मचाने वाली नहीं होती, बल्कि कभी-कभी हिम्मत का मतलब बस अपनी पहचान के साथ डटे रहना और गायब न होने का चुनाव करना होता है.
सर्जरी और शारीरिक परिवर्तन का कष्ट
साल के मध्य में अगस्त का महीना अनाया के लिए शारीरिक रूप से सबसे कठिन रहा. इस दौरान उन्होंने दो 'जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी' करवाईं. इस प्रक्रिया में उन्हें असहनीय दर्द, कमजोरी और धैर्य की परीक्षा से गुजरना पड़ा. यह समय एक पुराने शरीर और पुरानी पहचान को पूरी तरह त्यागने का था, जो उनके लिए काफी भावुक कर देने वाला अनुभव रहा.
बदलाव की बेचैनी और नया विश्वास
सर्जरी के बाद के समय को याद करते हुए उन्होंने बताया कि यह सब कुछ एक भरोसे पर टिका था. उन्हें विश्वास था कि बदलाव के दौरान होने वाली बेचैनी और तकलीफ भविष्य के सुखद परिणाम के सामने कुछ भी नहीं है. सितंबर महीने ने उन्हें दुनिया के सामने एक ऐसे नए रूप में पेश किया, जिसका अनुभव उन्होंने पहले कभी नहीं किया था.
रियलिटी शो और नई पहचान का जश्न
अनाया बांगड़ ने रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' में भी हिस्सा लिया, जहाँ दर्शकों ने उन्हें भरपूर प्यार दिया. उनके साहसी पोस्ट और साल भर की यात्रा यह दर्शाती है कि पहचान की लड़ाई कितनी कठिन हो सकती है. आज अनाया अपनी पहचान को लेकर गर्व महसूस करती हैं और खुलकर अपनी जिंदगी जी रही हैं.