Vitamin C Serum: त्वचा की देखभाल के लिए विटामिन सी, सीरम आजकल सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स में शामिल है. इसे लेकर अक्सर यह दावा किया जाता है कि इसके नियमित उपयोग से रंग गोरा हो जाता है. लेकिन त्वचा विशेषज्ञों की मानें तो हकीकत इससे थोड़ी अलग है. विटामिन सी, सीरम त्वचा का मूल रंग नहीं बदलता, बल्कि उसे साफ, चमकदार और एकसमान दिखाने में मदद करता है.
विटामिन सी कैसे काम करता है?
विटामिन सी, जिसे अस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है, एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है. यह त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है और कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है. कोलेजन त्वचा को टाइट और हेल्दी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. नियमित इस्तेमाल से त्वचा में ताजगी और हल्की चमक दिखाई देने लगती है.
क्या यह सच में रंग बदल देता है?
त्वचा का रंग मेलानिन नामक पिगमेंट पर निर्भर करता है. विटामिन सी मेलानिन के अत्यधिक उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है. इससे चेहरे पर मौजूद पिगमेंटेशन, डार्क स्पॉट और टैनिंग हल्की हो सकती है. जब दाग-धब्बे कम होते हैं और स्किन टोन बराबर दिखता है, तो चेहरा पहले से ज्यादा साफ और उजला नजर आता है. यही बदलाव कई लोग “रंग गोरा होना” समझ लेते हैं. हालांकि, वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं है कि विटामिन सी सीरम किसी व्यक्ति का प्राकृतिक रंग बदल देता है या स्थायी रूप से गोरा बना देता है.
असर दिखने में कितना समय लगता है?
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन सी, सीरम का असर तुरंत नहीं दिखता. आमतौर पर 4 से 8 हफ्तों के नियमित उपयोग के बाद हल्का फर्क नजर आ सकता है. इसे दिन में लगाने के बाद सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है, क्योंकि धूप में बिना सुरक्षा के रहने से पिगमेंटेशन बढ़ सकता है और फायदा कम हो सकता है.
क्या सभी सीरम सुरक्षित हैं?
बाजार में मिलने वाले सभी विटामिन सी, सीरम एक जैसे नहीं होते. उनकी गुणवत्ता, सांद्रता और स्टोरेज का तरीका भी असर डालता है. अगर सीरम ऑक्सीडाइज़ हो जाए या एक्सपायर हो चुका हो, तो त्वचा पर जलन या एलर्जी हो सकती है. इसलिए किसी भी नए प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना और जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है.

