Independence Day 2025: कार्तिकेय शर्मा ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर वीरों के बलिदान को किया याद

आज हम आज़ादी के 79 गौरवशाली वर्ष का उत्सव मना रहे हैं — एक ऐसा दिन जो हर भारतीय के लिए गर्व, आभार और संकल्प का प्रतीक है। इस विशेष अवसर पर सांसद कार्तिकेय शर्मा ने देश के नागरिकों को दिल से शुभकामनाएं दीं और याद दिलाया कि यह दिन उन अमर योद्धाओं की स्मृति को ताज़ा करने का समय है, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया।

Published by Anuradha Kashyap

Independence Day 2025: आज हम सभी लोग आजादी के 79 गौरवशाली साल का उत्सव मना रहे हैं — आज का दिन एक ऐसा दिन जो हर भारतीय के लिए गर्व, आभार और संकल्प का प्रतीक है। इस विशेष अवसर पर सांसद कार्तिकेय शर्मा ने देश के नागरिकों को दिल से शुभकामनाएं दीं और याद दिलाया कि यह दिन उन अमर योद्धाओं की स्मृति को ताज़ा करने का समय है, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनके अनुसार, आज़ादी किसी संयोग से नहीं मिली, बल्कि अनगिनत संघर्ष, त्याग और बलिदान से हासिल हुई है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता का आनंद लेने के साथ-साथ, इसे सुरक्षित और मजबूत बनाए रखना भी हमारा कर्तव्य है।

शहीदों की अमर कहानियों को सम्मान

अपने संदेश में कार्तिकेय शर्मा ने उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति गहरी श्रद्धा प्रकट की, जिन्होंने भारत माता के सम्मान में अपने जीवन की आहुति दी। वीर भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और अनगिनत अन्य योद्धाओं की जीवन गाथाएं हमें साहस, निस्वार्थ सेवा और देशप्रेम का अमूल्य पाठ पढ़ाती हैं। ये केवल अतीत की कहानियां नहीं, बल्कि हर पीढ़ी के लिए जीवित प्रेरणा हैं। ऐसे नायकों के त्याग को याद करना हमें यह वचन लेने का अवसर देता है कि हम भी अपने कर्मों, विचारों और आचरण से राष्ट्र की प्रगति में योगदान देंगे।

स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारियां भी निभाएं

कार्तिकेय शर्मा का मानना है कि स्वतंत्रता का महत्व केवल उत्सव में नहीं, बल्कि उस जिम्मेदारी में है जिसे हर नागरिक को निभाना चाहिए। कानून का पालन, सामाजिक एकता को बढ़ावा देना और देशहित में सकारात्मक कार्य करना — यही सच्ची देशभक्ति है। आज़ादी बनाए रखने के लिए हर भारतीय का यह दायित्व है कि वह अपने हिस्से की भूमिका निभाए। जब हम सभी मिलकर देश को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने में योगदान देते हैं, तभी स्वतंत्रता का असली अर्थ पूरा होता है और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहती है।

Anuradha Kashyap

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