Categories: देश

एक बाबा का सत्संग खा गया 121 जानें, कान बंद करके भी नहीं जाती चीखें, 365 दिन खाक…आज भी भटक रही अतृप्त आत्माएं

Hathras Stampede: हाथरस में नारायण साकार हरि उर्फ ​​भोले बाबा सूरजपाल सिंह के सत्संग में मची भगदड़ को 1 साल हो गया है।

Published by

Hathras Stampede: हाथरस भगदड़ के एक साल हुए हाथरस में नारायण साकार हरि उर्फ ​​भोले बाबा सूरजपाल सिंह के सत्संग में मची भगदड़ को 1 साल हो गया है। 2 जुलाई को ही हाथरस में भगदड़ मची थी। हादसे की जांच के लिए रिपोर्ट तैयार की गई थी। जांच रिपोर्ट में साफ लिखा है कि 80 हजार लोगों की अनुमानित संख्या बताकर अनुमति मांगी गई थी। लेकिन कार्यक्रम में ढाई से तीन लाख लोग पहुंचे थे। वहीं थाना प्रभारी द्वारा दिए गए आदेश में यह कॉलम खाली था। जिन शर्तों पर मंजूरी दी गई थी, उनमें हथियार और लाठी-डंडे पूरी तरह प्रतिबंधित थे। लेकिन सेवादार एक दिन पहले ही लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए थे। शर्त नंबर तीन के मुताबिक बिजली, अग्निशमन और अन्य सुरक्षा इंतजाम पहले से किए जाने थे। लेकिन न तो इसका पालन किया गया और न ही किया गया।

रूट नहीं था तैयार

नारायण साकार हरि उर्फ ​​भोले बाबा सूरजपाल सिंह को ले जाने के लिए कोई रूट चार्ट तैयार नहीं था। नारायण साकार हरि को भीड़ के बीच से लाया गया और उन्हें भीड़ के बीच से ही गलत साइड पर ले जाया गया। जांच में पता चला है कि सेवादार और आयोजक पुलिस प्रशासन का सहयोग नहीं कर रहे थे। यातायात नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। वाहनों को बेतरतीब ढंग से पार्क किया जा रहा था। यहां तक ​​कि नारायण साकार हरि को यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए गलत साइड से ले जाया गया। 

जांच रिपोर्ट में हुए कई खुलासे

जांच रिपोर्ट में लिखा गया है कि सेवादारों ने पुलिस प्रशासन से कहा कि वे यातायात और सभी की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद लेते हैं। प्रशासन ने इसे स्वीकार कर आश्वस्त किया। सत्संग में भूत-प्रेत और अन्य बीमारियों के ठीक होने की बात भी जांच में सामने आई है। जिससे अंधविश्वास फैलाने, कुरीतियों को बढ़ावा देने, भोले-भाले लोगों को गुमराह करने की बात साबित होती है। दुर्घटना, साजिश या सुनियोजित अपराध प्रथम दृष्टया यह दुर्घटना लग रही है। हालांकि पुलिस प्रशासन और कुछ लोक सेवकों ने आयोग को बयान दिया है कि मंच से चरण रज लेने और इससे सभी समस्याओं के समाधान की घोषणा होने पर लोग दौड़े और फिर यह घटना घट गई।

क्यों मची भगदड़?

प्रथम दृष्टया यह हादसा लग रहा है। हालांकि पुलिस प्रशासन और कुछ लोक सेवकों ने आयोग को बयान दिया है कि लोग मंच से चरण राज लेने और इससे सभी समस्याओं के समाधान का एलान करने के लिए दौड़े और फिर यह हादसा हुआ। वहीं कई भक्तों और खुद भोले बाबा सूरजपाल सिंह ने अपने बयानों में बताया कि चरण राज जैसी कोई परंपरा नहीं है। जबकि कुछ भक्तों ने कहा कि नए भक्त चरण राज लेते हैं। हालांकि जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि यह नहीं कहा जा सकता कि चरण राज की वजह से हादसा हुआ। सूरजपाल ने अपने पहले हलफनामे में करीब 15 से 20 मनबढ़ युवकों का जिक्र किया था।

Related Post

‘छपाक से पहचान ले गया…’, स्त्री ही निकली स्त्री की दुश्मन, जलन हुई तो फेका तेजाब, मामला जानकर निकलने लगेंगी चीखें

कई लोगों ने आयोग को बताया कि सत्संग खत्म होते ही सेवादारों ने सड़क के दोनों ओर मानव श्रृंखला बना ली, ताकि भोले बाबा गुजर सकें। जबकि भीड़ का दबाव काफी ज्यादा था। इस दौरान जब भोले बाबा गुजरे तो सेवादार हट गए। सड़क किनारे पानी के टैंकर खड़े थे। वहां फिसलन थी, इसलिए यह संभव है कि कुछ लोग धूल को छूने के लिए नीचे झुके और भीड़ ने उन्हें पीछे से धक्का दिया और वे फिसलकर नीचे गिर गए और कुचल गए।

बिछ गईं लाशें, बह गए सैकड़ों घर…हिमाचल प्रदेश की तबाही देख खुद रो रहा आसमान, मरने वालों का आकड़ा जान पनाह मांगने लगेंगे आप

Published by

Recent Posts

‘खच्चर नहीं, जीप ही मिलेगी’, जब RS में PM मोदी ने इंदिरा गांधी से जुड़ा दिलचस्प किस्सा सुनाया

PM Modi: राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते…

February 5, 2026

गालीबाज ‘भाभीजान’ पकड़ी गईं, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर किया था वायरल; जानें पूरा मामला

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के अमरोहा की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर समरीन निशा, जिन्हें 'भाभीजान'…

February 5, 2026

कौन हैं बिहार के हेमंत मिश्रा? DSP से SDM और अब IAS तक का सफर, जानिए पूरी कहानी

Hemant Mishra IAS Success Story: बिहार के बक्सर जिले के हेमंत मिश्रा ने UPSC परीक्षा…

February 5, 2026

IAS अफसर को कितनी मिलती है सैलरी? जानिए IAS, IPS की सैलरी, पद और सरकारी सुविधाएं

IAS Salary and facilities: युनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा को देश की…

February 5, 2026

WPL 2026 Prize Money: फाइनल जीतते ही टीम का हर खिलाड़ी बन जाएगा करोड़पति, जानें इनामी राशि

WPL 2026 Prize Money: WPL 2026 का फाइनल दिल्ली कैपिटल्स और RCB के बीच वडोदरा…

February 5, 2026