Delhi Temples Safety Alert: दिल्ली में हाल ही में एक संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. विशेष रूप से धार्मिक आयोजनों और जुलूसों को ध्यान में रखते हुए राजधानी में हाई अलर्ट घोषित किया गया है. पुलिस और खुफिया एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी के बाद कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. जांच में पता चला है कि आरोपी राजधानी के प्रमुख धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी कर चुका था. इतना ही नहीं, वो आतंकी नेटवर्क को दोबारा एक्टिव करने की कोशिश में भी लगा हुआ था, जिससे बड़े हमले की आशंका जताई जा रही है.
धार्मिक आयोजनों को लेकर पुलिस अलर्ट
आगामी हनुमान जयंती के अवसर पर होने वाले धार्मिक जुलूसों और सभाओं को देखते हुए पुलिस ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. संवेदनशील इलाकों और मेन मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
जुलूसों के लिए सख्त दिशा-निर्देश
दिल्ली पुलिस ने धार्मिक जुलूसों के लिए कुछ सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जुलूस में शामिल होने वाले लोगों की संख्या अधिकतम 500 तय की गई है. इसके अलावा, जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के हथियार ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. पुलिस ने आयोजकों से भी सहयोग की अपील की है ताकि आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके.
धार्मिक स्थलों की बढ़ाई सुरक्षा
हाल ही में ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में किए गए सुरक्षा ऑडिट में कई खामियां सामने आई थीं, जिनमें तलाशी, स्क्रीनिंग और निगरानी व्यवस्था की कमी शामिल थी. इन कमियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है. सीसीटीवी निगरानी, चेकिंग और पुलिस पेट्रोलिंग को बढ़ा दिया गया है.
आतंकी साजिश के खुलासे के बाद दिल्ली में सेफटी एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं. धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति बनाए रखने और किसी भी खतरे से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन और जनता के सहयोग से ही इन आयोजनों को सुरक्षित और सफल बनाया जा सकता है.

