What is Farmer Walk: फार्मर वॉक एक आसान लेकिन असरदार एक्सरसाइज है. इसमें दोनों हाथों में वजन (डम्बल, केटलबेल या कोई भारी चीज) पकड़कर सीधा चलते हैं. चलने के दौरान शरीर का बैलेंस, पकड़ की ताकत और सहनशक्ति एक साथ काम करती है. ये एक्सरसाइज दिखने में सरल है, लेकिन पूरे शरीर पर असर डालती है.
इस एक्सरसाइज में आप दोनों हाथों में बराबर वजन पकड़ते हैं और तय दूरी या तय समय तक चलते हैं. पीठ सीधी, कंधे पीछे और नजर सामने रहती है. कुछ लोग एक हाथ में वजन पकड़कर भी करते हैं, जिसे ‘सूटकेस कैरी’ कहा जाता है. इससे शरीर का संतुलन और ज्यादा चुनौती में आता है.
कौन-कौन सी मांसपेशियां काम करती हैं?
फार्मर वॉक के दौरान पैर, जांघ, कूल्हे, पिंडली, पेट, पीठ, कंधे और हाथों की मांसपेशियां एक्टिव रहती हैं. खासतौर पर पकड़ (ग्रिप) मजबूत होती है, जो रोजमर्रा के कामों में बहुत काम आती है.
डॉक्टर और ट्रेनर इसे क्यों सुझाते हैं?
ये एक्सरसाइज शरीर को सीधा रखने में मदद करती है. जिन लोगों की बैठने की आदत से पीठ झुक जाती है, उनके लिए ये फायदेमंद है. मजबूत पकड़ से शरीर की ताकत बनी रहती है और उम्र के साथ कमजोरी कम होती है. इसके अलावा, चलने के कारण दिल की धड़कन बढ़ती है, जिससे दिल की सेहत भी सुधरती है. दौड़ने के मुकाबले इसमें जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है.
चोट से बचाव और मानसिक मजबूती
फार्मर वॉक से कंधे और पीठ मजबूत होते हैं, जिससे चोट का खतरा कम होता है. इसे करते समय ध्यान और एकाग्रता जरूरी होती है, जिससे मानसिक मजबूती भी बढ़ती है.
खेतों से जिम तक का सफर
पहले किसान रोजमर्रा के काम में भारी बोरे और औजार उठाकर चलते थे. वही काम आज फार्मर वॉक के रूप में जाना जाता है. बाद में इसे ताकत वाले खेलों में अपनाया गया. अब जिम, फिटनेस सेंटर और रिहैब क्लीनिक में भी इसका इस्तेमाल होता है क्योंकि यह असल जिंदगी की जरूरतों के मुताबिक शरीर को मजबूत बनाता है.
फार्मर वॉक के मेन फायदे
पूरे शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं
कैलोरी खर्च ज्यादा होता है
संतुलन और तालमेल बेहतर होता है
पकड़ और सहनशक्ति बढ़ती है
फार्मर वॉक एक ऐसी एक्सरसाइज है जिसे कोई भी अपनी क्षमता के अनुसार कर सकता है. ये कम समय में पूरे शरीर पर काम करती है और रोजमर्रा की ताकत बढ़ाने में मदद करती है.

