किडनी हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को शुद्ध करने और विषैले तत्वों को बाहर निकालने का कार्य करती है. यदि यह सही तरीके से काम न करे तो शरीर में कई गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं.लेकिन यह किडनी फेलियर का शुरुआती संकेत हो सकता है. यदि पैरों में बार-बार या लगातार सूजन हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
पैरों में लगातार सूजन
किडनी की खराबी के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो जाता है. इससे पैरों में अक्सर ऐंठन, दर्द और जकड़न जैसी समस्याएँ सामने आती हैं. कई बार यह दर्द इतना तेज होता है कि चलने-फिरने में परेशानी होती है. इसे सामान्य कमजोरी या विटामिन की कमी समझना गलत है. अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो यह संकेत हो सकता है कि किडनी सही तरीके से काम नहीं कर रही. समय रहते जांच कराने से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है.
पैरों में खुजली और जलन
किडनी जब शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर नहीं निकाल पाती, तो ये खून में जमा होकर त्वचा पर असर डालते हैं. खासकर पैरों की त्वचा में खुजली, जलन और रूखापन महसूस होने लगता है. धीरे-धीरे यह समस्या बढ़ सकती है और नींद या आराम में भी बाधा डालती है. लोग अक्सर इसे सामान्य स्किन प्रॉब्लम मानकर क्रीम या दवा से ठीक करने की कोशिश करते हैं. लेकिन यदि पैरों में लगातार खुजली या जलन हो रही हो तो यह किडनी डैमेज का चेतावनी संकेत हो सकता है.
पैरों में झुनझुनी और सुन्नपन
किडनी की गड़बड़ी के कारण नसों पर असर पड़ने लगता है, जिससे पैरों में झुनझुनी, चुभन या सुन्नपन महसूस हो सकता है. यह लक्षण धीरे-धीरे रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करने लगता है. कई बार लंबे समय तक बैठने या लेटने के बाद अचानक उठने पर भी यह समस्या अधिक दिखाई देती है. इसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि यह सीधे किडनी और नर्वस सिस्टम पर दबाव का संकेत है.

