Categories: मनोरंजन

किस तरह अंग्रेजों के तलवे चाटता था पटौदी खानदान का ये नवाब? इस शख्स ने खोलकर रख दी सदियों से दफन वो काली हकीकत! पाकिस्तान से है सीधा कनेक्शन

Saif Ali Khan Property: बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से 15 हजार करोड़ रुपये की नवाबी संपत्ति मामले में बड़ा झटका मिला है।

Published by

Saif Ali Khan Property: बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से 15 हजार करोड़ रुपये की नवाबी संपत्ति मामले में बड़ा झटका मिला है। अदालत ने निचली अदालत के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें उन्हें विवादित संपत्ति का उत्तराधिकारी माना गया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद अभिनेता और फिल्म क्रिटिक कमाल आर. खान (KRK) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

कोर्ट का फैसला बिल्कुल सही- KRK

KRK ने एक्स पर लिखा, “कोर्ट का फैसला बिल्कुल सही है। पटौदी और सिंधिया जैसे लोग अंग्रेजों के तलवे चाटकर ऐश कर रहे थे, जब देश के लाखों लोग आजादी के लिए जान दे रहे थे। ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए!” उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा, “अगर संपत्ति दुश्मन की है, तो उसके मालिक भी भारत के दुश्मन हैं। ऐसे में पटौदी परिवार के सभी लोगों को पाकिस्तान भेजा जाना चाहिए।”

Related Post

सरकार ने इन संपत्तियों को ‘दुश्मन की संपत्ति’ घोषित किया

मामले की बात करें तो सैफ अली खान के दादा नवाब हमीदुल्लाह खान की संपत्ति को लेकर विवाद सालों से चला आ रहा है। इनमें फ्लैग स्टाफ हाउस, नूर-अस-सबाह पैलेस, दार-अस-सलम, हबीबी का बंगला, अहमदाबाद पैलेस और कोहेफिजा की बेशकीमती प्रॉपर्टी शामिल हैं। सरकार ने 2014 में इन संपत्तियों को ‘दुश्मन की संपत्ति’ घोषित कर दिया था, क्योंकि नवाब की बेटी आबिदा सुल्तान भारत विभाजन के समय पाकिस्तान चली गई थीं।

क्या है पूरा मामला?

सैफ अली खान ने इस फैसले को चुनौती देते हुए 2015 में अदालत से स्टे लिया था, जिसे 2024 में हाई कोर्ट ने हटा दिया। कोर्ट ने सैफ और उनके परिवार को 30 दिन का समय दिया था कि वे दावा पेश करें, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बाद कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मामले की दोबारा सुनवाई कर एक साल के अंदर निपटाने का आदेश दिया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ एक्ट 1937 के तहत संपत्ति बंटवारे की मांग करते हुए हमीदुल्लाह खान के अन्य उत्तराधिकारियों ने 1999 में ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि चूंकि एक वारिस पाकिस्तान चला गया और दो भारत में ही रहीं, इसलिए कानून के तहत सभी वारिसों को उनका हक मिलना चाहिए। अब देखना यह है कि ट्रायल कोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और सैफ अली खान अगला कानूनी कदम क्या उठाते हैं।

Published by

Recent Posts

CBSE Guidelines: सीबीएससी का निर्देश, स्कूलों में मेंस्ट्रुअल हाइजीन पर नियम लागू, सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त

CBSE Guidelines: सीबीएससी के निर्देशों के बाद स्कूलों में मेंस्ट्रुअल हाइजीन मैनेजमेंट (MHM) को अनिवार्य…

March 22, 2026

Apply learning license online: घर बैठे बनाएं लर्निंग लाइसेंस, RTO जाने की अब नहीं जरूरत!

Learning Driving License: लर्निंग लाइसेंस आपको ट्रैफिक नियमों की समझ के साथ सुरक्षित तरीके से…

March 22, 2026

SSC CGL vs CHSL: सैलरी और ग्रोथ में कौन है आगे; क्या रहेगा सही ऑप्शन?

SSC CGL vs SSC CHSL: SSC CGL के लिए ग्रेजुएशन अनिवार्य है, जबकि SSC CHSL…

March 22, 2026

Triumph 400 vs Classic 350: स्टाइल, माइलेज या पावर…कौन है डेली राइडर्स के लिए बेस्ट चॉइस?

best 350cc bikes India: डेली राइडिंग के लिहाज से माइलेज एक अहम फैक्टर है. Classic…

March 22, 2026