Mahendra Kapoor : महेंद्र कपूर की आवाज में देशभक्ति का जोश भी था और प्यार का दर्द भी. ‘मेरे देश की धरती’, ‘चलो एक बार फिर से’ और ‘तुम अगर साथ देने का वादा करो’ जैसे गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं. बेटे रुहान कपूर बताते हैं कि बी.आर. चोपडा और संगीतकार रवि के साथ उनके पिता की जोडी ने 60 के दशक में कई सुपरहिट गीत दिए. मनोज कुमार की फिल्मों में गाए देशभक्ति गीतों ने महेंद्र कपूर को “देश की आवाज” बना दिया. उनके निधन पर मनोज कुमार का कहना “मैंने अपनी आवाज खो दी” उनकी अहमियत को दर्शाता है.
बचपन, परिवार और सादगी
महेंद्र कपूर का जन्म अमृतसर में हुआ था और संगीत का संस्कार उन्हें अपनी मां से मिला. मुंबई के पेडर रोड स्थित घर में हर सुबह संगीत की धुनों से दिन शुरू होता था. रुहान बताते हैं कि उनके पिता बहुत सादे और अनुशासित इंसान थे न सिगरेट, न शराब. अच्छी रिकॉर्डिंग के बाद परिवार साथ बैठकर सादा-सा जश्न मनाता था. मां परवीन उनके हर उतार-चढाव में चट्टान की तरह साथ खडी रहीं.
गुरु मोहम्मद रफी और संघर्ष
महेंद्र कपूर के गुरु मोहम्मद रफी थे. किशोर उम्र में रफी की आवाज से प्रभावित होकर वह उनसे मिलने तक पहुंच गए. मेट्रो मर्फी सिंगिंग कॉम्पिटिशन जीतने के बाद उन्हें फिल्मों में मौका मिला. रफी के साथ उनका रिश्ता सिर्फ गुरु-शिष्य का नहीं, बल्कि भावनात्मक भी था. बदलते दौर में जब गायकों का समय कठिन हुआ, तब दोनों ने एक-दूसरे का दर्द समझा और सहारा दिया.
रिकॉर्डिंग के किस्से और बदलता दौर
रुहान को अपने पिता के साथ स्टूडियो जाने की कई यादें हैं. लता मंगेशकर, किशोर कुमार और कल्याणजी-आनंदजी जैसे दिग्गजों के साथ रिकॉर्डिंग के मजेदार किस्से आज भी परिवार में मुस्कान लाते हैं. 70 के दशक में संगीत का ट्रेंड बदला और किशोर कुमार-आरडी बर्मन का दौर आया. इससे महेंद्र कपूर जैसे सिंगर्स के लिए हिंदी फिल्मों में मौके कम हो गए, हालांकि उन्होंने मराठी और गुजराती सिनेमा में लगातार काम किया.
विवाद, बीमारी और अंतिम विदाई
एक मशहूर विवाद को साफ करते हुए रुहान बताते हैं कि महेंद्र कपूर ने तलत महमूद के सम्मान में बहुत सोच-समझकर एक गाना गाया था. जीवन के अंतिम दौर में एक सर्जरी के बाद इन्फेक्शन फैलने से उनकी तबीयत बिगडती चली गई और डायलिसिस तक की नौबत आई. निधन से पहले उन्हें जैसे आभास हो गया था. उन्होंने परिवार से कहा “मम्मी का ख्याल रखना.” महेंद्र कपूर आज भले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज और गीत हमेशा जिंदा रहेंगे.

