Kadhi Recipe: कढ़ी फटने से बचाने का सीक्रेट तरीका, जिससे हर बार बनेगी स्वादिष्ट और परफेक्ट
भारतीय खाने की थाली दाल-चावल, सब्ज़ी और रोटी के बिना अधूरी लगती है, लेकिन कढ़ी भी इसमें उतनी ही ज़रूरी होती है। दही और बेसन से बनने वाली यह डिश काफी स्वादिष्ट होती है जो चावल के साथ और भी स्वाद बढ़ा देती है। यह डिश बनाने में आसान तो है, लेकिन कई बार लोग परेशान हो जाते हैं क्योंकि कढ़ी बार-बार फट जाती है। कभी दही सही से नहीं पकता, कभी बेसन गुठली बना देता है, तो कभी तेज़ आंच इसकी स्मूदनेस बिगाड़ देती है।
दही को अच्छे से फेंटकर इस्तेमाल करें
कढ़ी के फटने की सबसे बड़ी वजह है बिना फेंटा हुआ दही। अगर आप सीधे दही का इस्तेमाल करेंगे तो गर्मी लगते ही यह फट सकता है और कढ़ी का स्वाद खराब कर देगा। इसलिए हमेशा दही को अच्छे से फेंटें और उसमें थोड़ा पानी डालकर स्मूद कर लें, उसके बाद ही दही का इस्तेमाल करे ताकि कढ़ी फटे नहीं।
बेसन की सही मात्रा रखें
कढ़ी में बेसन का सही बैलेंस बहुत मायने रखता है। अगर आप कम बेसन डालेंगे तो कढ़ी पतली बनेगी और फट सकती हैं। वहीं ज्यादा बेसन डालने से कढ़ी का स्वाद कड़वा या बहुत गाढ़ा हो सकता है। आमतौर पर एक कटोरी दही के लिए दो बड़े चम्मच बेसन की मात्रा बिल्कुल सही रहती है।
धीमी आंच पर पकाना है बेहद जरुरी
कढ़ी पकाने में धीमी आंच का रोल बहुत अहम होता है। अगर आप तेज आंच पर दही-बेसन का घोल उबालेंगे तो दही तुरंत फट सकता है। सही तरीका यह है कि कढ़ी को धीमी या मध्यम आंच पर धीरे-धीरे पकाया जाए।
कढ़ी को चलाना न भूलें
कढ़ी बनाते समय एक और बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि उसे चलाना भूल जाते हैं। अगर आप इसे बिना चलाए छोड़ देंगे तो बेसन नीचे बैठ जाएगा और धीरे-धीरे फटने लगेगा। इसलिए खासतौर पर शुरुआत के 10–12 मिनट तक लगातार चलाते रहना बहुत जरूरी है।
मसालों को डालने के समय पर ध्यान देना जरुरी हैं
कढ़ी का असली स्वाद मसालों से आता है, लेकिन इन्हें डालने का समय भी उतना ही ध्यान रखने वाला होता हैं । अगर आप शुरुआत में ही हल्दी, नमक या अन्य मसाले दही-बेसन के घोल में डाल देंगे तो कढ़ी फट सकती है। इसलिए कढ़ी में उबाल आने के बाद ही मसालें डालें।
तड़के को आखिर में लगाए और कढ़ी परोसें
कढ़ी का स्वाद उसके तड़के से कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन ध्यान रहे कि तड़का हमेशा आखिर में ही लगाएं । अगर शुरुआत में तड़का डालेंगे तो दही जल्दी फट सकता है। जब कढ़ी पक जाए तो उस पर घी या तेल में जीरा, मेथी दाना, करी पत्ता और सूखी लाल मिर्च का तड़का डालें और गर्मा-गर्म कढ़ी को चावल या रोटी के साथ परोसें।
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