क्या आप जानते हैं? इस देश में कार खरीदने से पहले दिखाना पड़ता है ये सबूत, जानें क्या है कारण?
जापान में गाड़ी खरीदना सिर्फ पैसे और रजिस्ट्रेशन का मामला नहीं है. यहां गाड़ी रजिस्टर करने से पहले ये साबित करना जरूरी है कि आपके पास एक लीगल पार्किंग स्पेस है. इसे शाको शोमीशो नियम कहते हैं, जो ट्रैफिक और शहर की जगह को मैनेज करने के लिए लागू है.
शाको शोमीशो क्या है?
शाको शोमीशो एक ऐसा सरकारी नियम है जिसके तहत जापान में गाड़ी खरीदने वाले को पहले ये साबित करना होता है कि उसके पास पार्किंग की वैध जगह है. ये सर्टिफिकेट लोकल पुलिस स्टेशन द्वारा जांच के बाद ही जारी होता है.
पार्किंग सर्टिफिकेट की जरूरत
पार्किंग सर्टिफिकेट ये सुनिश्चित करता है कि हर रजिस्टर्ड गाड़ी के पास एक निश्चित और लीगल पार्किंग स्पॉट हो. बिना इस सर्टिफिकेट के गाड़ी को रजिस्टर करना संभव नहीं है. ये सड़क पर गैरकानूनी पार्किंग को रोकने का सबसे बड़ा तरीका है.
कानून बनाने का मकसद
जापान में ये नियम शहरों में जगह की कमी और भारी आबादी को देखते हुए बनाया गया. ये कानून सड़क किनारे और फुटपाथ पर गाड़ियों के अतिक्रमण को रोकता और ट्रैफिक के प्रवाह को बनाए रखता है.
शहरों और ट्रैफिक पर असर
टोक्यो और ओसाका जैसे बड़े शहरों में सड़क की जगह सीमित है. पार्किंग सर्टिफिकेट की वजह से सड़कें साफ रहती हैं और ट्रैफिक की आसान आवाजाही बनी रहती है. ये नियम सार्वजनिक जगह पर गाड़ियों के कब्जे को भी रोकता है.
पार्किंग की दूरी और लोकेशन
पार्किंग स्पेस आमतौर पर गाड़ी मालिक के घर या ऑफिस से 2 किलोमीटर के अंदर होना चाहिए. ये दूरी तय करने का मकसद है कि गाड़ी आसानी से इस्तेमाल की जा सके और ट्रैफिक पर कम असर पड़े.
वेरीफिकेशन और प्रक्रिया
पुलिस एप्लीकेशन की पूरी जांच करती है और जरूरत पड़ने पर साइट विजिट भी कर सकती है. ये सुनिश्चित करता है कि पार्किंग जगह सच में मौजूद है और सभी नियमों को पूरा करती है.
किराए पर पार्किंग की अनुमति
पार्किंग जगह मालिक की होने की जरूरत नहीं है. जापान में लोग अक्सर प्राइवेट पार्किंग ऑपरेटर या अपार्टमेंट बिल्डिंग से पार्किंग किराए पर लेते हैं. सही डॉक्यूमेंट्स देने पर सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है.