OLD Car Selling: कार बेचने जा रहे हैं तो पहले जान लें ये बातें, वरना हो जाएगी बड़ी मुसीबत
OLD Car Selling: पुरानी कार बेचना एक आसान काम लग सकता है, लेकिन इसमें कुछ जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं और सावधानियां शामिल होती हैं. अगर सही तरीके से कागजी काम पूरा न किया जाए, तो आगे चलकर जुर्माना, एक्सीडेंट की जिम्मेदारी या कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए कार बेचने से पहले हर जरूरी दस्तावेज और नियम को समझकर ही आगे बढ़ें.
अपनी सुरक्षा को सबसे पहले रखें
जब भी किसी खरीदार से मिलें, तो दिन के समय और भीड़भाड़ वाली सेफ जगह चुनें. कोशिश करें कि वहां CCTV कैमरे लगे हों. अपने किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को साथ ले जाएं या उन्हें अपनी लोकेशन जरूर बताएं. टेस्ट ड्राइव के दौरान खुद गाड़ी में मौजूद रहें और पहले खरीदार का ड्राइविंग लाइसेंस ध्यान से जांच लें.
सभी जरूरी दस्तावेज
कार का RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), वैध इंश्योरेंस, PUC सर्टिफिकेट और सर्विस रिकॉर्ड तैयार रखें. अगर गाड़ी दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड है, तो NOC बनवाना जरूरी हो सकता है. सभी कागज अपडेट और सही होने चाहिए, ताकि बाद में कोई दिक्कत न आए.
RTO के फॉर्म सही तरीके से भरें
ओनरशिप ट्रांसफर के लिए RTO के जरूरी फॉर्म पूरे और सही तरीके से भरें. कभी भी खाली या अधूरे कागज पर साइन न करें. दस्तावेजों पर खरीदार और विक्रेता दोनों के साइन हों और गवाह भी मौजूद हों. सभी पेपर की एक कॉपी अपने पास जरूर रखें.
इंश्योरेंस पॉलिसी की जिम्मेदारी खत्म करें
गाड़ी बेचने के बाद अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी रद्द करवाएं या सही तरीके से ट्रांसफर करवाएं. अगर आपके पास नो-क्लेम बोनस है, तो उसे सेफ रखें. नए मालिक को तुरंत नई पॉलिसी लेने की सलाह दें, ताकि भविष्य में किसी हादसे की जिम्मेदारी आप पर न आए.
सेफ तरीके से भुगतान लें
गाड़ी की चाबी और दस्तावेज देने से पहले पूरा भुगतान लें. नकद लेने से बेहतर है कि बैंक ट्रांसफर या ऑनलाइन पेमेंट लें, जिससे लेन-देन का रिकॉर्ड रहे. भुगतान की पुष्टि होने के बाद ही गाड़ी सौंपें.
निजी और वित्तीय जानकारी सेफ रखें
जब तक सौदा पूरी तरह तय न हो जाए, अपनी निजी जानकारी जैसे घर का पता, बैंक डिटेल या पहचान पत्र की कॉपी साझा करने से बचें. केवल जरूरी जानकारी ही दें और हर बातचीत सावधानी से करें.
तुरंत ओनरशिप ट्रांसफर सुनिश्चित करें
कई बार लोग गाड़ी डीलर को बेच देते हैं, लेकिन नाम ट्रांसफर में देरी हो जाती है. याद रखें, जब तक RTO रिकॉर्ड में नाम नहीं बदलता, गाड़ी की कानूनी जिम्मेदारी आपकी ही रहती है. इसलिए तुरंत ओनरशिप ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करवाएं और उसकी रसीद या प्रमाण अपने पास रखें.