मिसाइलों का बादशाह! ईरान की फतेह-2 समेत 5 मिसाइलें, जानें दुनिया के लिए कितनी खतरनाक?
Iran Top 5 Missiles: एक बार फिर इजराइल ने दुश्मन देश ईरान पर मिसाइल से हमला बोला है. जानकारी के मुताबिक, ईरान की राजधानी तेहरान में शनिवार को कई जगह पर धमाका की आवाज सुनी गई और आसमान में धुएं नजर आ रहा है. ऐसे में ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड ‘मिसाइल सिटी ‘को एक्टिवेट कर दिया है. खोर्रमशहर-4, फतेह-2 और सज्जिल-2 जैसी मिसाइलों को इजरायली और अमेरिकी बेस के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है. ये हथियार न सिर्फ मिलिट्री ताकत है, बल्कि खामेनेई की ताकत का भी एक सहारा माना जा रहा है.
क्या ईरान तैयार करेगा?
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक बड़ा और हैरान करने वाला कदम उठाया है. ईरान की बदनाम IRGC को पूरी कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया है और देश की रहस्यमयी अंडरग्राउंड "मिसाइल सिटी" को पूरी तरह एक्टिवेट कर दिया गया है. इस कदम से साफ पता चलता है कि ईरान न सिर्फ अंदरूनी बगावत के लिए बल्कि बाहरी लड़ाई के लिए भी खुद को तैयार कर रहा है.
बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें
'मिसाइल सिटी' को ईरान की मिलिट्री ताकत का सबसे खतरनाक चेहरा माना जाता है. ये अंडरग्राउंड बेस पहाड़ों के नीचे बने हैं, जहां से कभी भी बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें लॉन्च की जा सकती है. 2026 के टेंशन वाले हालात में इन शहरों का एक्टिव होना सिर्फ़ मिलिट्री एक्सरसाइज़ नहीं, बल्कि खुली चेतावनी है. US, इजराइल और मिडिल ईस्ट के दूसरे देश इसे सीधे ताकत दिखाने की तरह देख रहे है. सवाल यह नहीं है कि ईरान के पास मिसाइलें हैं या नहीं, बल्कि यह है कि वह उनका इस्तेमाल कब और क्यों करेगा?
ईरान की सबसे खतरनाक मिसाइल
ईरान की सबसे खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल खोर्रमशहर-4 मानी जाती है. यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है जिसकी रेंज 2,000 किलोमीटर से ज़्यादा है, जो Mach 8 की स्पीड से उड़ती है. इसकी सबसे डरावनी बात इसका 1,500 किलोग्राम तक वज़नी भारी वॉरहेड है. इसका 2025 में सफल टेस्ट हुआ था, और मिलिट्री एनालिस्ट के मुताबिक, यह इज़राइल के किसी भी कोने को टारगेट कर सकती है. मोबाइल लॉन्चर से फायर की गई यह मिसाइल दुश्मन के रडार और डिफेंस सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती है.
फतह-2
फतह-2 दूसरे को ईरान की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल कहा जाता है. इसकी स्पीड Mach 15 तक या लगभग 17,890 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है. 1,400 किलोमीटर की रेंज वाली यह मिसाइल इतनी तेज है कि मौजूदा मिसाइल डिफेंस सिस्टम इसे इंटरसेप्ट करने में नाकाम माना जाता है. इसका 2024 में सफल टेस्ट किया गया था और अब इसे मिसाइल सिटी में तैनात किया गया है. US मिलिट्री बेस और इजराइली एयरबेस इसके मुख्य संभावित टारगेट माना जाता है.
सेजिल इजराइल का सबसे बड़ा डर
सेजिल ईरान की सबसे पुरानी लेकिन सबसे भरोसेमंद लंबी दूरी की मिसाइल मानी जाती है. इसकी रेंज 2,000 से 2,500 किलोमीटर है, जिसका मतलब है कि यह पूरे इजराइल और यूरोप के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकती है. यह सॉलिड फ्यूल से चलती है. सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों को लॉन्च होने में बस कुछ मिनट लगते हैं, जिससे दुश्मन को रिएक्ट करने का समय नहीं मिलता है.
शाहब-3
Shahab-3 को ईरान की सबसे पुरानी लेकिन सबसे भरोसेमंद मिसाइल माना जाता है. इसकी रेंज 1,300 से 2,000 किलोमीटर के बीच है और यह न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम है. इसे पहली बार 1990 के दशक में तैनात किया गया था. हालांकि समय के साथ इसमें कई अपग्रेड हुए है. आज भी शहाब-3 को ईरान की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता की रीढ़ माना जाता है और यह मिसाइल सिटी का एक अहम हिस्सा बना हुआ है.
मिसाइल जुल्फिकार
पांचवीं मिसाइल जुल्फ़िकार है, जो एक छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी रेंज लगभग 700 किलोमीटर है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी जबरदस्त एक्यूरेसी है.10 मीटर के अंदर, जुल्फ़िकार को मोबाइल लॉन्चर से फायर किया जा सकता है और इसे खास तौर पर सऊदी अरब, UAE और इस इलाके में अमेरिकी मिलिट्री बेस के लिए डिज़ाइन किया गया था. 2016 में पेश की गई यह मिसाइल अब पूरी तरह से ऑपरेशनल है.
अयातुल्ला खामेनेई की सबसे मजबूत ताकत
ईरान की ये टॉप पांच मिसाइलें सिर्फ डिफेंसिव हथियार ही नहीं हैं, बल्कि अयातुल्ला खामेनेई की ताकत का सबसे मजबूत गढ़ भी है. विरोध और अंदरूनी नाराजगी के बीच मिसाइल सिटी का एक्टिवेशन यह दिखाता है कि सरकार किसी भी कीमत पर सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं है. ये मिसाइलें दुनिया को साफ मैसेज देती हैं कि ईरान पर दबाव डालने या दखल देने की कीमत बहुत ज़्यादा हो सकती है. मिडिल ईस्ट की स्टेबिलिटी अब इन हथियारों के साये में खड़ी दिखती है.