उल्टे-पुल्टे सोने से आप भी है परेशान, तो जानें क्या है सोने के लिए सबसे बेस्ट पॉजीशन? दर्द की हर समस्या होगी दूर
Best Sleeping Position: अच्छी नींद आपके शरीर और दिमाग को फ्रेश रखने के साथ-साथ आपकी सेहत का भी ख्याल रखती है. अगर आपकी नींद पूरी न हो तो आपका सारा दिन धीमा और थका-थका हो जाता है. इसलिए अच्छी नींद के लिए सही पोजीशन में सोना बहुत ज्यादा जरूरी है. सोने की गलत पोजीशन आपकी सेहत पर गलत असर डाल सकती है. दरअसल, अलग-अलग पोजीशन में सोने के अपने फायदे और नुकसान होते हैं.
फीटल पोजीशन
सोने की सबसे अच्छी पोजीशन में से एक फीटल पोजीशन है. जिसका मतलब करवट लेकर पारों को मोड़कर सोना है. उस तरह से जैसे मां की कोख में बच्चा रहता है. यह शरीर के लिए आरामदायक मानी जाती है. खासतौर पर उन लोगों के लिए जिनकी कमर के निचले हिस्से में दर्द रहता है. यह पोजिशन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बेहद मददगार साबित हो सकती है. इस तरह सोने से खर्राटे कम हो सकते हैं.
साइड ग पोजीशन
साइड स्लीपिंग पोजीशन यानी करवट लेकर सोना. इस पोजीशन में पैरों को पूरी तरह मोड़ा नहीं जाता है. अगर आप खर्राटे की समस्या से परेशान हैं, तो आप इस पोजीशन में आराम से सो सकते हैं. यह सीने में जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने के भी काम आता है.
पीठ के बल सोना
पीठ के बेल सोने की पोजीशन को बेस्ट माना जाता है. यह रीढ़ की हड्डी को सपोर्ट देता है. सात ही यह पीठ और घुटनों के दर्द से भी राहत दिलाने में मदद करता है. अगर आप झुर्रियों से बचना चाहते हैं, तो यह पोजीशन आपके लिए बेस्ट है.
पेट के बल सोना
पेट के बल सोने से अच्छी नींद आती है. इस पोजीशन में सोने से आराम मिलता है. लेकिन यह पोजीशन बेहतरीन नहीं हो सकती है. पेट के बल सोने से खर्राटों या फिर स्लीप एपनिया के लिए तो बहुत अच्छी होती है. इस तरह सोने से गर्दन और पीठ दोनों में दर्द हो सकता है.
मरीजों के सोने की पोजीशन
जिन मरीजों का खासतौर पर घुटनों का रिप्लेसमेंट वाले मरीजों को सीधा लेटने और हल्का मुड़ा घुटना रखना की सलाह दी जाती है. यह पोजीशन उन मरीजों के लिए सबसे सेफ माना जाता है.
किन बातों का रखें ध्यान?
जोड़ों के दर्द में गद्दे भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं. इसलिए गद्दा हमेशा शॉफ्ट होना चाहिए. शरीर को सही सपोर्ट नहीं मिलने से धीरे-धीरे रीढ़ की हड्डी मुड़ जाती है. कमरे का टेम्परेचर हल्का गर्म होना चाहिए. हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर के जोड़ों में लचीलापन आ जाता है.