‘हाँ, मैंने अपनी पत्नी को धोखा दिया!’ पत्नी को चीट करने से लेकर ‘यौन उत्पीड़न’ के आरोपों तक… पीयूष मिश्रा से जुड़े वो विवाद जिसने सबको हिलाकर रख दिया!
Piyush Mishra Controversy: बहुमुखी प्रतिभा के धनी पीयूष मिश्रा आज अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं, लेकिन वे केवल अपनी कला ही नहीं बल्कि अपनी बेबाकी के लिए भी अक्सर चर्चे में रहते हैं. अपनी आत्मकथा ‘तुम्हारी औकात क्या है’ के जरिए उन्होंने अपने जीवन के उन अंधेरे पन्नों को खोला था, जिन्हें अक्सर मशहूर हस्तियां छिपा लेते हैं. अपनी शादी में बेवफाई से लेकर ‘MeToo’ जैसे गंभीर आरोपों पर उनके चौंकाने वाले खुलासों ने फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों के बीच हमेशा से एक नई बहस छेड़ी है. इस बीच आइये जानते हैं उनके जीवन से जुड़े सबसे विवादित किस्सों के बारे में
1. पत्नी को धोखा देने के बाद कबूलनामा
पियूष मिश्रा ने अपनी ऑटोबायोग्राफी और कई साक्षात्कारों में यह खुलकर स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी पत्नी, प्रिया नारायणन, को धोखा दिया था. उन्होंने इसे अपनी जिंदगी की एक बड़ी भूल और "सबसे काला दौर" करार दिया है. पीयूष ने बताया कि सफलता के नशे और शराब की लत के कारण वे भटक गए थे. उन्होंने यहाँ तक कहा कि "अपनी गलती स्वीकार करना एक बड़ी बात है," और वे अपनी पत्नी के सामने हमेशा इस बात के लिए शर्मिंदा रहे. इस खुलासे ने उनके चाहने वाले को हैरान कर दिया था क्योंकि उन्हें एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता रहा था.
2. MeToo के तहत यौन उत्पीड़न के आरोप
साल 2018 में जब भारत में #MeToo मूवमेंट जोरों पर था, तब एक महिला पत्रकार ने पीयूष मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए थे जिसमें महिला ने दावा किया था कि साल 2014 में एक पार्टी के दौरान पीयूष मिश्रा ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया और उन्हें गलत तरीके से छुआ. इस विवाद ने सोशल मीडिया पर काफी तूल पकड़ा क्योंकि पियूष मिश्रा की छवि एक बौद्धिक और सम्मानित कलाकार की थी.
3. 'शराब के नशे में होने' की सफाई
MeToo के आरोपों पर पियूष मिश्रा की प्रतिक्रिया ने एक और विवाद को जन्म दिया. उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज नहीं किया, बल्कि यह कहा, "मुझे वह घटना याद नहीं है, लेकिन हो सकता है कि मैं उस समय कुछ ड्रिंक्स (शराब) के नशे में रहा होऊँ." उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके व्यवहार से किसी को ठेस पहुँची है, तो वे माफी माँगते हैं. आलोचकों ने उनके इस बयान की निंदा की, क्योंकि शराब को गलत व्यवहार का बहाना बनाना कई लोगों को नागवार गुजरा.
4. शराब की लत और उग्र व्यवहार
पीयूष मिश्रा ने खुद स्वीकार किया है कि वे लंबे समय तक शराब की लत से जूझते रहे. इस दौरान उनके व्यवहार में उग्रता आ गई थी. उनके थिएटर के दिनों और शुरुआती फिल्मी करियर के दौरान सह-कलाकारों के साथ अनबन और सेट पर उनके गुस्से के किस्से भी चर्चा में रहे. उन्होंने माना कि शराब ने उनकी सोचने-समझने की शक्ति को प्रभावित किया था, जिससे उनके कई रिश्तों में दरार आई.
'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'आरंभ है प्रचंड' की प्रसिद्धि
हालांकि पीयूष मिश्रा का काम सिर चढ़कर बोला है उन्हें सबसे बड़ी वैश्विक प्रशंसा फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में उनके अभिनय और संगीत के लिए मिली. उनके द्वारा लिखे और गाए गए गीत "आरंभ है प्रचंड" ने उन्हें युवाओं के बीच एक 'यूथ आइकन' बना दिया. आज भी यह गाना जोश और प्रेरणा का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. इस फिल्म ने यह साबित कर दिया कि पीयूष न केवल एक शानदार अभिनेता हैं, बल्कि एक ऐसे गीतकार और संगीतकार भी हैं जो मिट्टी की सुगंध को आधुनिक संगीत में पिरोना जानते हैं.
रंगमंच और लेखन
पीयूष मिश्रा को उनके नाटक 'गगन दमामा बाज्यो' (शहीद भगत सिंह पर आधारित) के लिए थिएटर की दुनिया में भगवान की तरह पूजा जाता है. जब उन्होंने अपनी आत्मकथा 'तुम्हारी औकात क्या है' लिखी, तो साहित्य जगत में उनकी ईमानदारी की जमकर तारीफ हुई. आलोचकों ने माना कि भारतीय सिनेमा में बहुत कम ऐसे कलाकार हैं जो अपनी सफलताओं से ज्यादा अपनी असफलताओं और गलतियों को इतनी खूबसूरती और सच्चाई के साथ कागज़ पर उतार सकते हैं.