Indians Who Played for for Pakistan: 76 साल पहले, एक देश को अंग्रेजों ने दो हिस्सों में बांट दिया था, जिन्होंने 200 से ज़्यादा सालों तक इस पर राज किया था. परिवार अलग हो गए, कई लोगों की जान चली गई, लेकिन भारत को आज़ादी मिली, और पाकिस्तान को भी, जो आज़ाद भारत से बना एक देश था. तब से, दोनों देशों के बीच प्यार और नफ़रत का रिश्ता रहा है, चाहे वह राजनीतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक या खेल के क्षेत्र में हो.
दोनों देशों के बीच 2013 से द्विपक्षीय सीरीज़ नहीं हुई
26/11 के हमलों और फिर 2016 के हमलों ने दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों को पूरी तरह से रोक दिया है. 2013 से द्विपक्षीय सीरीज़ नहीं हुई हैं और ये दोनों टीमें सिर्फ़ कॉन्टिनेंटल टूर्नामेंट या ग्लोबल टूर्नामेंट में ही मिलती हैं. यह अभी भी इस खेल का सबसे ज़्यादा इंतज़ार किया जाने वाला और सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला मैच है और सदियों तक ऐसा ही रहेगा.
दिलचस्प बात यह है कि ऐसे बहुत कम खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए खेला है. जबकि अतीत और वर्तमान में कई खिलाड़ियों ने क्रिकेट में अपने देश के अलावा दूसरे देशों के लिए खेला है, लेकिन कई कारणों से, भारत और पाकिस्तान के लिए यह संख्या बहुत कम है. यहाँ उन तीनों पर एक नज़र डालते हैं-
1. आमिर इलाही
119 मैचों में 25 की औसत से 506 विकेट लेने वाले आमिर इलाही अपने समय के जीनियस थे. इलाही, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत मीडियम पेसर के तौर पर की थी, लेकिन बाद में लेग-ब्रेक बॉलिंग करने लगे, उन्होंने 1947 से कुल छह टेस्ट मैच खेले. इलाही ने 1947 में सिडनी में भारत के लिए डेब्यू किया था, लेकिन 1952-53 में पाकिस्तान के लिए पांच और मैच खेले.
2. अब्दुल हफ़ीज़ करदार
‘पाकिस्तान क्रिकेट के जनक’ के नाम से मशहूर अब्दुल हफ़ीज़ करदार आज़ादी के समय क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक थे. एक बाएं हाथ के बल्लेबाज़ जो गेंदबाज़ के सिर के ऊपर से सीधा शॉट मारने के लिए जाने जाते थे और उतने ही असरदार बाएं हाथ के स्पिनर, करदार ने पाकिस्तान के लिए 23 मैच खेलने से पहले भारत के लिए तीन टेस्ट खेले. करदार 1952 में पाकिस्तान के कप्तान बने और उनका डेब्यू भारत के खिलाफ ही हुआ था.
3. गुल मोहम्मद
1947/48 में डॉन ब्रैडमैन के खिलाफ़ कुछ मैचों में शामिल रहे, बाएं हाथ के बल्लेबाज़ गुल मोहम्मद ने 1946 से 1955 तक भारत के लिए आठ टेस्ट मैच खेले, जिसके बाद उन्होंने 1956 में कराची में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ पाकिस्तान के लिए अपना आखिरी मैच खेला. गुल मोहम्मद सिर्फ़ एक क्रिकेटर के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक उसूलों वाले क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर भी जाने जाते हैं.
Published by Shubahm Srivastava
February 3, 2026 03:55:10 PM IST

