Categories: धर्म

Vastu tips: क्या आपके घर का ईशान कोण सही है? जानिए सही उपयोग और गलतियां

Vastu tips: वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को घर का सबसे पवित्र और ऊर्जा का मुख्य स्रोत माना गया है. इस दिशा में की गई छोटी-सी गलती भी घर के माहौल, मानसिक स्थिति और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर डाल सकती है. इसलिए इस स्थान को हमेशा साफ, हल्का और सकारात्मक बनाए रखना बेहद जरूरी है.

Published by Ranjana Sharma

Vastu tips: हर घर में दिशाओं का अपना विशेष महत्व होता है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण सबसे ज्यादा पवित्र और संवेदनशील मानी जाती है. इसे भगवान का स्थान भी कहा जाता है, जहां से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है. ऐसे में इस दिशा में क्या रखना चाहिए और क्या नहीं, इसका सही ज्ञान होना जरूरी है, क्योंकि छोटी-सी चूक भी जीवन पर बड़ा असर डाल सकती है.

Related Post

ईशान कोण क्यों माना जाता है सबसे पवित्र स्थान

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का उत्तर-पूर्व कोना यानी ईशान कोण दिव्य ऊर्जा का केंद्र होता है. यह दिशा मानसिक शांति, आध्यात्मिक विकास और समृद्धि से जुड़ी होती है. कहा जाता है कि इसी दिशा से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है, इसलिए इसे हमेशा खुला, साफ और हल्का रखना चाहिए.

ईशान कोण में टॉयलेट-बाथरूम बनाना क्यों है अशुभ

इस दिशा में टॉयलेट या बाथरूम का निर्माण करना वास्तु के अनुसार बेहद अशुभ माना जाता है. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है, जिसका असर मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह के रूप में देखने को मिल सकता है.

भारी सामान रखने से रुक सकती है तरक्की

ईशान कोण में भारी फर्नीचर, अलमारी या स्टोर रूम बनाना भी सही नहीं माना जाता. इससे ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है, जिससे जीवन में रुकावटें आती हैं और व्यक्ति की प्रगति प्रभावित हो सकती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार ईशान कोण में किचन बनाना उचित नहीं होता. रसोई के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा बेहतर मानी जाती है. अगर किचन इस दिशा में हो, तो घर में विवाद, असंतुलन और तनाव बढ़ सकता है.

कूड़ा रखने से बढ़ती है नकारात्मकता

इस स्थान पर कूड़ा-करकट या बेकार सामान रखना भी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है. इससे घर का वातावरण प्रभावित होता है और सुख-शांति में बाधा आती है. इसलिए इस कोने को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना चाहिए. ईशान कोण में शयनकक्ष बनाना, खासकर शादीशुदा लोगों के लिए, सही नहीं माना जाता. इससे रिश्तों में तनाव, मानसिक अशांति और आपसी दूरी बढ़ सकती है. यह दिशा पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है. यहां मंदिर या ध्यान का स्थान बनाने से घर में सकारात्मकता, शांति और समृद्धि बनी रहती है.=
Ranjana Sharma
Published by Ranjana Sharma

Recent Posts

पैसे मांगे, फिर बहू पर उठाया हाथ; बरेली में महिला ने ससुर के खिलाफ दर्ज कराया केस

Uttar Pradesh News: बरेली में एक महिला ने अपने ससुर पर मारपीट करने और जान…

April 19, 2026

Youth Suicide Bihar News: मां के बाद बेटे की मौत, 19 साल के युवक ने लगाई फांसी! बंद कमरे में मिला शव परिवार सदमे में

Pauthu market suicide case: मृतक की पहचान पौथु बाजार निवासी शिव शंकर साव के पुत्र…

April 19, 2026

Madhya Pradesh: शादी तय करना पड़ा भारी! भांजे ने लाठी-डंडों से मामा को उतारा मौत के घाट

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के रीवा जिले रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज…

April 19, 2026

Child Marriage Stopped : 1098 पर आई सूचना और बच गया बचपन…17 साल के लड़के की शादी कुछ इस तरह रोकी

Child helpline 1098 action: टीम में ब्लॉक परियोजना अधिकारी के नेतृत्व में सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड…

April 19, 2026

हाथों में बर्तन…आंखों में आंसू! भीषण गर्मी में नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

Madhya Pradesh News: मुरैना से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत नाका इन दिनों…

April 19, 2026

नाम लिखवाइए साहब देखेंगे! 3 महीने से सूखी है ग्रामीणों की थाली; सूरजपुर में सिस्टम फेल

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना का अधूरे मकानों और टूटती उम्मीदों…

April 19, 2026