10 animals banned in India: भारत में 10 प्रतिबंधित जानवर जिन्हें पालतू नहीं बनाया जा सकता
भारत में जानवरों से प्यार करना बहुत आम बात है, लेकिन कई बार लोग बिना जानकारी के ऐसे जानवरों को पालतू बना लेते हैं जो कानूनन अवैध होते हैं। भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कई जानवरों और पक्षियों को संरक्षित घोषित किया गया था, जिन्हें पालतू बनाना पूरी तरह से गैरकानूनी है। और फिर ऐसा करना न केवल इन जानवरों के लिए खतरनाक है, बल्कि इंसानों के लिए भी जोखिम भरा हो सकता है।
बंदर
बंदर को अक्सर लोग धार्मिक या मनोरंजन के उद्देश्य से पालने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से गैरकानूनी है। यह एक जंगली जानवर है और इंसानों पर हमला कर सकता है।इसलिए इसे पालना नहीं चाहिए।
सांप
चाहे वो अजगर हो या जहरीला कोबरा – किसी भी तरह के सांप को पालना भारत में अवैध है। सांपों का व्यापार और शोषण दोनों कानूनन अपराध हैं।
बाघ या चीता
बाघ और चीता जैसे बड़े शिकारी जानवरों को पालना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ये संकटग्रस्त प्रजातियाँ हैं और इनका व्यापार दंडनीय अपराध होता है।
हाथी
हाथी को धार्मिक कार्यों या शोभा यात्रा में देखा जाता है, लेकिन निजी तौर पर इसे पालना कानून के खिलाफ होता है। इनकी देखभाल विशेष प्रशिक्षण और लाइसेंस की मांग करती है।
बाज़ या चील
ये शिकार करने वाले पक्षी हैं और भारत के वन्यजीव अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित हैं। इन्हें पालतू बनाना गैरकानूनी होता है।
इंडियन स्टार कछुआ
यह बहुत आकर्षक दिखता है, इसलिए लोग इसे घर में रखते हैं, लेकिन यह संरक्षित प्रजाति है। इसका व्यापार भी प्रतिबंधित है। और पालना भी।
मगरमच्छ या घड़ियाल
पालतू बनाने के लिहाज़ से ये सबसे खतरनाक जानवर हैं। इन पर नियंत्रण पाना असंभव होता है और ये इंसानों के लिए गंभीर खतरा प्रकट कर सकतेहैं।
भारतीय तोता
तोते पालना भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है, लेकिन अब यह प्रतिबंधित है। खासतौर पर हरा तोता (Ring-neParakeet) संरक्षित प्रजातियों में आता है।
चमगादड़
चमगादड़ से गंभीर बीमारियाँ फैल सकती हैं। इन्हें पालना स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक और कानूनन अपराध है। इसलिए कृपया दूरिया बनाये।
तेंदुआ
तेंदुए जैसे हिंसक जानवर को पालना न केवल अवैध है, बल्कि इससे आसपास के लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। इसलिए इसे पालना कानूनी अपराध है।
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है.