Why do Hindus celebrate Jagannath Rath Yatra: हिन्दू लोग जगन्नाथ रथ यात्रा क्यों मनाते हैं?
जगन्नाथ रथ यात्रा हिन्दू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो हर साल ओडिशा राज्य के पुरी शहर में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इसे देखने लोग बहुत दूर दूर से आते है यह यात्रा भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की सालाना यात्रा को दर्शाती है,यह यात्रा बहुत भाग्यशाली को देखते को मिलतीं है, यह यात्रा 1 साल में एक ही बार निकाली जाती हैं।
रथ यात्रा मनाने कि बजह
रथ यात्रा मनाने कि बजह: यह यात्रा भगवान इसलिए निकाली जाती है,जब भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ हर साल अपनी मौसी (मां की बहन) के घर जाते हैं। उनकी मौसी का घर पुरी का गुंडिचा मंदिर है। यह यात्रा वहीं तक की होती है।
भक्तों को दर्शन देने का अवसर
भगवान जगन्नाथ सालभर पुरी के मुख्य मंदिर में रहते हैं, जहां केवल हिन्दू ही दर्शन कर सकते हैं। लेकिन रथ यात्रा के दौरान भगवान बाहर आते हैं और सभी धर्म, जाति और वर्ग के लोग उनके दर्शन कर सकते है,इस दिन धर्म और जाति नहीं देखा जाता है हिन्दू से लेकर सभी धर्म के लोग इनके दर्शन करते है।
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
यह यात्रा जीवन के चक्र और भगवान की लीला का प्रतीक मानी जाती है। जब यात्रा प्रारंभ की जाती है तो यात्रा में भाग लेने से मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग बताया गया है, और उनका आशीर्वाद हमेशा साथ रहता है।
भगवान जगन्नाथ मौसी के घर जाते हैं
पूरी जी 1 साल में अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के यंहा जाते हैं।
भगवान का सैर करना
ऐसा माना जाता है कि भगवान जगन्नाथ जी कुछ दिनों के लिए प्रकृति और भक्तों के बीच सैर करने के लिए निकलते हैं ये यात्रा 9 दिन की होती है।
इसका संदेश क्या है
यह यात्रा यह सीखती है,कि भगवान सबके है वो 1 साल मैं अपने उन भक्तों से मिलने आते है जो भक्त उन तक नहीं पहुंच पाते ।
भगवान जगन्नाथ का महत्व
भगवान जगन्नाथ सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोगों के लिए खुले हैं उनकी पूजा से भक्ति, सेवा और शांति की भावना जागती है यह यात्रा हमे समानता सिखाती है
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है.