Red vs Blue Gas Cylinders: घर का लाल सिलेंडर, तो दुकान का नीला; क्या है रंगों का बड़ा राज?
Red vs Blue Gas Cylinders: लाल रंग खतरे की निशानी माना जाता है, लेकिन फिर भी भारत में जो घरेलू एलपीजी सिलेंडर होते हैं, वह लाल रंग के होते हैं. वहीं व्यावसायिक स्थान पर नीले रंग के सिलेंडर होते हैं. आइए जानते हैं लाल और नीले रंग के सिलेंडर में क्या अंतर होता है?
लाल और नीले सिलेंडर
भारत में हर घर में खाना बनाने के लिए सिलेंडर का इस्तेमाल होता है. घरों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर का रंग लाल होता है. लेकिन बाहर के दुकानों पर नीले रंग का सिलेंडर रखा होता है.
लाल रंग खतरे की निशानी
लाल रंग खतरे की निशानी मानी जाती है. फिर ऐसे में घरों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर का रंग लाल आखिर क्यों होता है? क्या लाल रंग के सिलेंडर से खाना पकाना खतरनाक हो सकता है?
होटल पर क्यों होते हैं नीले सिलेंडर?
लेकिन जब आप होटल में खाना खाने के लिए जाते हैं, या फिर दुकान पर कुछ लेने के लिए जाते हैं, तो वहां मौजूद सिलेंडर का रंग नीला होता है. तो आपके मन में ख्याल आता होगा कि आखिर यह रंग क्यों अलग होता है?
एलपीजी में दो तरह के कनेक्शन
दरअसल, एलपीजी का कनेक्शन लेते वक्त दो तरह के कनेक्शन दिए जाते हैं, एक घरेलू और एक व्यावसायिक यानी एक वह जिनका इस्तेमाल आप घर के खाना बनाने के लिए करेंगे और दूसरा जिनके इस्तेमाल से आप व्यवसाय करेंगे.
लाल सिलेंडर में कौन सी गैस?
लाल रंग के सिलेंडर में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) भरी होती है, जिसका इस्तेमाल घरो में खाना बनाने के लिए किया जाता है. एलपीजी बहुत तेजी से आग पकड़ती है, इसलिए इसका रंग लाल होता है.
घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर
इसी कारण घरेलू सिलेंडर का रंग लाल होता है और व्यावसायिक सिलेंडर का रंग नहीं होता है. इसके अलावा भी कई चीजें अलग होती है.
दोनों के साइज में अंतर
दोनों के साइज में भी फर्क है. 5 किलों और 14.2 किलो साइज के सिलेंडर घरेलू सिलेंडर कहलाते हैं. तो वहीं कमर्शियल सिलेंडर में तीन कैटेगरी होती हैं, जिनमें 5 किलो, 19 किलों और 47.5 किलो होते हैं.