Train Coach Colours: ट्रेन का हर रंग कुछ कहता है, जानिए कौन सा कलर क्या बताता है
Train Coach Colours: ट्रेन के डिब्बों के अलग-अलग रंग जैसे नीला, लाल, हरा और भूरा उनके प्रकार, तकनीक और उपयोग को दर्शाते हैं. वहीं कोच पर बनी रंगीन पट्टियां यह बताती हैं कि वह जनरल, महिलाओं, फर्स्ट क्लास या विशेष जरूरत वाले यात्रियों के लिए आरक्षित है.
ट्रेन के रंगों में छिपा है खास संदेश
भारत में आज भी लाखों लोग सफर के लिए ट्रेन को पहली पसंद मानते हैं. खासकर लंबी दूरी के लिए ट्रेन सबसे सस्ता और आरामदायक विकल्प है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रेन के डिब्बों के रंग अलग-अलग क्यों होते हैं?
क्यों अलग-अलग होते हैं ट्रेन के डिब्बों के रंग?
ट्रेन के डिब्बों का रंग सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होता, बल्कि यह उनकी तकनीक, स्पीड और उपयोग के बारे में जानकारी देता है. हर रंग के पीछे एक खास मतलब छिपा होता है.
नीले डिब्बे क्या बताते हैं?
आपने ज्यादातर ट्रेनों में नीले रंग के डिब्बे देखे होंगे. ये ICF (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) कोच होते हैं, जो सामान्य गति वाली ट्रेनों में लगाए जाते हैं और लंबे समय से भारतीय रेलवे का हिस्सा रहे हैं.
लाल डिब्बे का मतलब जानिए
लाल रंग के कोच LHB (लिंक हॉफमैन बुश) होते हैं, जो नई तकनीक पर आधारित होते हैं. ये कोच ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक और तेज रफ्तार के लिए बनाए जाते हैं, इसलिए एक्सप्रेस ट्रेनों में इनका इस्तेमाल बढ़ रहा है.
हरे डिब्बों का क्या है राज?
हरे रंग के डिब्बे आमतौर पर गरीब रथ ट्रेनों में देखने को मिलते हैं. ये ट्रेने कम कीमत में एसी यात्रा की सुविधा देती हैं, जिससे आम यात्रियों को किफायती सफर का विकल्प मिलता है.
भूरा रंग किन ट्रेनों में दिखता है?
भूरा रंग के कोच मीटर गेज ट्रेनों में इस्तेमाल होते थे. हालांकि अब ज्यादातर रेलवे ट्रैक ब्रॉड गेज में बदल चुके हैं, इसलिए ऐसे कोच बहुत कम देखने को मिलते हैं.
डिब्बों पर बनी रंगीन पट्टियां क्या बताती हैं?
ट्रेन के डिब्बों पर बनी रंगीन पट्टियां यात्रियों के लिए अहम जानकारी देती हैं. ये पट्टियां बताती हैं कि कोच किस श्रेणी का है और उसमें किस तरह के यात्रियों के लिए सीटें आरक्षित हैं.