कार पर किस और माथे पर टायर की मिट्टी, राजेश खन्ना के प्यार में पागल हुआ करती थीं फीमेल फैंस; जानें किस्सा
Girls Used To Kiss Rajesh Khanna Car: बॉलीवुड के दिग्गज सुपरस्टार राजेश खन्ना को भारतीय सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाता है. उन्होंने 1960 और 1970 के दशक में बॉलीवुड पर अपना दबदबाकर बनाकर रखा था. एक्टर का जन्म 29 दिसंबर 1942 को हुआ था. खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था. उनकी कामयाबी या स्टारडम की कहानी एक प्रतिभा प्रतियोगिता जीतने के साथ शुरु हुई थी. जिसके बाद उन्होंने “आखिरी खत” (1966) से सिनेमा में अपना सफर शुरु किया. एक्टर ने रोमांटिक व्यक्तित्व और अनूठी शैली ने लाखों लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई. उन्होंने आनंद (1971), कटी पतंग (1970) और अमर प्रेम (1972) जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया.
पहले सुपरस्टार कहलाए राजेश
राजेश खन्ना ने अपने पूरे करियर में कई प्रमुख निर्देशकों और एक्ट्रेसेस के साथ काम किया. उन्होंने अपनी सुपरहिट फिल्मों से एक प्रभावशाली विरासत बनाई.
आर.डी. बर्मन के साथ भी किया काम
किशोर कुमार और आर.डी. बर्मन के साथ मिलकर उन्होंने बॉलीवुड के इतिहास के कुछ सबसे लोकप्रिय संगीतमय हिट गाने बनाए.
1970 में करियर का गिरा ग्राफ
लगातार सफलता हासिल करने के बाद राजेश खन्ना के करियर में 1970 में एक मोड़ आया जिसके बाद उनका करियर का ग्राफ लगातार तेजी से नीचे गिर गया.
कार की मिट्टी माथे पर लगाती थी लड़कियां
बता दें कि, अमिताभ बच्चन ने शो पर खुलासा करते हुए बताया था कि कैसे जब वह सिनेमा में आए थे, तो राजेष थन्ना का पर्दे पर राज हुआ करता था. लाखों की भीड़ वहां पर पहुंच जाया करती थी, जहां भी राजेश खन्ना जाया करते थे.
राजेश के लिए क्रेजी थी लड़कियां
राजेश ने पीक के करियर में वो सबकुछ देखा जो हर स्टार का सपना होता था, अमिताभ बच्चन ने बताया था कि उस दौरान लड़कियां राजेश के लिए क्रेजी थी, कि उनके कार के टायर की मिट्टी अपने माथे पर लगाती थीं.
कार को करती थीं किस
राजेश खन्ना के साथ फिल्म सवेरा में काम करते हुए अभिनेता किरण कुमार ने बताया कि मैंने उनके जैसा स्टारडम कभी नहीं देखा, राजेश खन्ना जैसी कामयाबी और स्टारडम किसी के पास भी नहीं थी. उनकी कार जहां भी होती थी, उस पर लिपस्टिक के निशान लग जाते थे. लड़कियां उनकी कार को ही किस कर लेती थी और निशान छोड़ जाती थींय़
भारतीय सिनेमा में राजेश खन्ना का योगदान
भारतीय सिनेमा में राजेश खन्ना का योगदान काफी अहम रहा है. उनका निधन 18 जुलाई, 2012 को हुआ, लेकिन उनकी विरासत अभिनेताओं और फिल्म निर्माताओं की पीढ़ियों को प्रेरित और प्रभावित करती रहेगी.