Rahu Antardasha: राहु की दशा में क्यों बढ़ती है भ्रम, चिंता और संघर्ष? जानिए इस रहस्यमयी ग्रह का असर
Rahu Antardasha:
राहु ग्रह को छाया भी कहा जाता है ,इसका प्रभाव किसी राशि में ज्यादा दिन तक नहीं रहता लेकिन इसका प्रभाव कभी-कभी हमारे जीवन में बहुत ही भयावह व चुनौती पूर्ण होता है इसके प्रभाव से हम चिंता, विवाद जैसे समस्याओं से घिरे रहते हैं ,आईए जानते हैं इसकी अंतर्दशा में क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए..
राहु ग्रह
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु किसी भी राशि में एक या डेढ़ साल तक रहता है, वर्तमान में या ग्रह सिंह राशि में विराजमान है।
गलतफहमी
राहु के अंतर्दशा की वजह से व्यक्ति का व्यवहार अचानक से बदला हुआ नजर आता है और बात-बात पर गुस्सा भी आता है जिसकी वजह से हम कई बार गलतफहमी का शिकार हो जाते हैं।
अंतर्दशा
ज्योतिषयों के अनुसार राहु की अंतर्दशा त 2 साल 8 महीने वहीं राहुल की महादशा 18 महीने की होती है, वही राहु की कृपा से जातक को अपने जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति भी होती है।
कानूनी विवाद
राहु की महादशा के समय व्यक्ति अनेक अनचाहे विवादों में घिर सकता है, जिनमें कानूनी विवाद प्रमुख होते हैं ऐसे में आपको बहुत ही धैर्य से रहने की जरूरत है।
मानसिक तनाव
यह महादशा हमें मानसिक तनाव व किसी भी अनजाने भय की तरफ ले जाती है, जिसके कारण हम हमेशा भ्रमित व डरे हुए रहते हैं।
बचाव
राहु की महादशा से बचाव के लिए आप भगवान शिव के मंत्रों का उच्चारण कर सकते हैं और रोजाना भगवान शिव की प्रार्थना करें, वहीं शनिवार को काले कुत्ते को रोटी देने से भी इसकी महादशा कम होती है।
Disclaimer
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है.