Nirjala Ekadashi 2026: कब है निर्जला एकादशी? भीम ने भी रखा था ये खास व्रत; जानें तारीख, मुहूर्त और पारण से जुड़ी जानकारी
Nirjala Ekadashi Kab Hai 2026 Date: निर्जला एकादशी का व्रत ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि को रखा जाता है. एकादशी व्रत सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है. इसी कारण इस व्रत का इंतजार सालभर से लोगों को रहता है. आप एक बार निर्जला एकादशी व्रत रखकर फल की प्राप्ति कर सकते हैं. भीमसेन ने भी निर्जला एकादशी का व्रत रखा था.आइए जानते हैं कि निर्जला एकादशी कब है? और इससे जुड़ी बाकी जानकारी.
भीम ने भी रखा था व्रत
इस निर्जला एकादशी का महत्व आप इस बात से लगा सकते हैं कि पांच पांडवों में भीम को भूख बर्दाश्त नहीं होती थी. वह कभी भी बिना खाने के नहीं रह सकते थे. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बिना पानी के निर्जला एकादशी का व्रत रखा था.
क्यों कठिन माना जाता है ये व्रत?
निर्जला एकादशी वो व्रत है, जो बिना जल के रखा जाए. इस व्रत में पानी भी नहीं पीते हैं. अन्न, फल और पानी का त्याग करना होता है.
बिना जल के रखा जाता है उपवास
पूरी एकादशी तिथि में बिना जल के व्रत रखना होता है. एकादशी के सूर्योदय से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक यह व्रत रखा जाता है. भीषण गर्मी के कारण यह व्रत और भी कठिन हो जाता है.
निर्जला एकादशी का महत्व
निर्जला एकादशी का व्रत रखने से सारे पाप मिट जाते हैं. साथ ही भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होती है. जिससे उनको मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. जो यह व्रत रखता है उसे पूरे साल के सभी एकादशी व्रतों का फल प्राप्त होता है. इसी कारण लोग निर्जला एकादशी के व्रत का इंतजार करते हैं.
निर्जला एकादशी की तारीख
पंचांग के मुताबिक, निर्जला एकादशी के लिए ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि 24 जून बुधवार को शाम 6 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी.यह तिथि 25 जून गुरुवार को रात 8 बजकर 9 मिनट तक मान्य है. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को है.
निर्जला एकादशी 2026 मुहूर्त
शुभ-उत्तम मुहूर्त : सुबह 05:25 - सुबह 07:10 तक
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:05 - सुबह 04:45 तक
अभिजाीत मुहूर्त : सुबह 11:56 - दोपहर 12:52 तक
रवि योग : सुबह में 05:25 और शाम को 04:29 तक
पारण का समय
25 जून को निर्जला एकादशी का व्रत जो लोग रखेंगे, वह पारण 26 जून को सुबह में 5: 25 से 8:13 के बीच रहेगा.