Navratri Kanya Pujan 2026: 2 से लेकर 10 साल तक जानें कौन सी कन्या देती है कैसा वरदान?
Navratri Kanya Pujan 2026: नवरात्रि में कन्या पूजन (कांजक) का महत्व अद्वितीय है. ये केवल देवी दुर्गा के नौ रूपों का सम्मान नहीं है, बल्कि ये बच्चों के माध्यम से आध्यात्मिक, मानसिक और पारिवारिक समृद्धि का प्रतीक है. हर आयु की कन्या अलग प्रकार का आशीर्वाद देती है, जो जीवन में सुख, समृद्धि और विजय लाती है.
कुमारी (2 वर्ष) – दरिद्रता व दुख निवारक
2 साल की कन्या माता दुर्गा के रूप का प्रतीक हैं. इन्हें पूजने से घर के कष्ट, गरीबी और मानसिक पीड़ा दूर होती है. ये आशीर्वाद जीवन में सुख और संतुलन लाता है.
त्रिमूर्ति (3 वर्ष) – समृद्धि व दीर्घायु
3 साल की कन्या त्रिदेवी का प्रतिनिधित्व करती हैं. इनके पूजन से परिवार में सुख-शांति, स्वास्थ्य और दीर्घायु बढ़ती है. ये जीवन में स्थिरता और ऊर्जा का संचार करता है.
कल्याणी (4 वर्ष) – शुभता और परिवार कल्याण
4 साल की कन्या घर में सफलता, सौभाग्य और पारिवारिक कल्याण लाती हैं. इनके आशीर्वाद से सभी प्रयास सफल होते हैं और परिवार में प्रेम व सौहार्द बढ़ता है.
रोहिणी (5 वर्ष) – स्वास्थ्य व रोग निवारण
5 साल की कन्या रोगों को दूर कर स्वास्थ्य का वरदान देती हैं. उनका पूजन परिवार में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा करता है.
कालिका (6 वर्ष) – ज्ञान व बुद्धिमत्ता
6 साल की कन्या शिक्षा, ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्रदान करती हैं. इनके आशीर्वाद से बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए अध्ययन, निर्णय और जीवन में सफलता आसान होती है.
चंडिका/चंद्रिका (7 वर्ष) – धन और समृद्धि
7 साल की कन्या आर्थिक समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक हैं. इनके पूजन से व्यवसाय, आय और धन संबंधित मामलों में वृद्धि होती है.
शंभवी/चामुंडा, दुर्गा, सुभद्रा (8-10 वर्ष)
8-10 साल की कन्याएं बाधाओं को दूर कर, विजय और इच्छाओं की पूर्ति करती हैं. इनके आशीर्वाद से जीवन में उत्साह, आनंद, और मानसिक शक्ति का संचार होता है.