Nail health: नाखूनों में दिख रहे ये बदलाव? हो सकती है गंभीर बीमारी की चेतावनी
Nail health: क्या आपके नाखून पीले, मोटे या बार-बार टूट रहे हैं? इसे सिर्फ सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. दरअसल, नाखूनों में दिखने वाले बदलाव शरीर के अंदर छिपी कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकते हैं. ऐसे में इन संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है.
नाखून बताते हैं सेहत का हाल
नाखून सिर्फ शरीर की सुंदरता बढ़ाने का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ये आपके स्वास्थ्य का आईना भी होते हैं. नाखूनों के रंग, आकार या बनावट में बदलाव कई बार किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत दे सकते हैं. पीले, मोटे या बार-बार टूटने वाले नाखूनों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए समय रहते इन संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है.
नाखून में गड्ढे
नाखूनों पर छोटे-छोटे गड्ढे या निशान पड़ना नेल पिटिंग कहलाता है. यह समस्या अक्सर सोरायसिस और एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों से जुड़ी होती है. इसके अलावा, यह एलोपेसिया एरेटा जैसी ऑटोइम्यून बीमारी का भी संकेत हो सकता है, जिसमें बाल झड़ने लगते हैं.
टेढ़े और मोटे नाखून
नाखून क्लबिंग की स्थिति में उंगलियों के सिरे फूल जाते हैं और नाखून उनके चारों ओर मुड़ जाते हैं. यह बदलाव धीरे-धीरे कई वर्षों में विकसित होता है. यह शरीर में ऑक्सीजन की कमी, फेफड़ों की बीमारी, हृदय रोग या लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है.
चम्मच जैसे नाखून
इस स्थिति में नाखून बीच से दबे हुए और किनारों से ऊपर की ओर उठे होते हैं, जिससे उनका आकार चम्मच जैसा दिखता है. ये नाखून अक्सर मुलायम और कमजोर हो जाते हैं. यह समस्या आमतौर पर आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया का संकेत होती है, जबकि कुछ मामलों में यह लिवर से जुड़ी बीमारी हीमोक्रोमैटोसिस से भी संबंधित हो सकती है.
सफेद नाखून
टेरी के नाखूनों में नाखून का ज्यादातर हिस्सा सफेद दिखाई देता है और केवल ऊपर की ओर एक पतली लाल या गुलाबी पट्टी नजर आती है. यह स्थिति कभी-कभी बढ़ती उम्र के कारण भी हो सकती है, लेकिन कई बार यह लिवर की बीमारी, हृदय की विफलता या मधुमेह जैसी गंभीर समस्याओं का संकेत देती है.
नाखूनों पर लकीरें
ब्यू की रेखाएं नाखूनों पर बनने वाली गहरी क्षैतिज लकीरें होती हैं, जो तब दिखाई देती हैं जब बीमारी या चोट के कारण नाखूनों की वृद्धि कुछ समय के लिए रुक जाती है. यह समस्या संक्रमण, तेज बुखार, अनियंत्रित मधुमेह, जिंक की कमी या कुछ दवाओं जैसे कीमोथेरेपी के कारण हो सकती है.
नाखून का अलग होना
ओनिकोलाइसिस में नाखून अपनी जड़ से ढीले होकर अलग होने लगते हैं और उनका रंग सफेद, पीला या हरा दिखाई दे सकता है. यह समस्या चोट, संक्रमण, दवाओं के साइड इफेक्ट या थायरॉइड और सोरायसिस जैसी बीमारियों के कारण हो सकती है.
पीले नाखून सिंड्रोम
पीले नाखून सिंड्रोम में नाखून मोटे हो जाते हैं, उनकी वृद्धि धीमी हो जाती है और उनका रंग पीला पड़ जाता है. कई बार क्यूटिकल भी गायब हो जाते हैं और नाखून जड़ से अलग होने लगते हैं. यह स्थिति फेफड़ों की बीमारी जैसे क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस या शरीर में सूजन यानी लिम्फेडेमा से जुड़ी हो सकती है.