Irrfan khan birthday special: बड़े ही रोमांटिक थे इरफान खान! सुपरस्टार की इन फिल्मों में कूट-कूटकर भरा है रोमांस, Watchlist में जरूर करें शामिल
Irrfan Khan Romantic Movies: इरफ़ान ख़ान उन अभिनेताओं में थे जिन्होंने प्रेम को बड़े-बड़े संवादों या दिखावटी रोमांस से नहीं, बल्कि नज़र, खामोशी और छोटे-छोटे पलों से जिया. उनकी रोमांटिक फ़िल्मों में प्यार शोर नहीं मचाता, बल्कि दिल में उतरता है. आइए, इरफ़ान ख़ान की पाँच बेहतरीन रोमांटिक फ़िल्मों पर नज़र डालते हैं, जिनमें उनका अभिनय आज भी दर्शकों को छू जाता है.
द लंचबॉक्स (2013)
“द लंचबॉक्स” इरफ़ान ख़ान की सबसे खूबसूरत और संवेदनशील रोमांटिक फ़िल्म मानी जाती है. इस फ़िल्म में वो साजन फ़र्नांडिस के किरदार में नज़र आते हैं, जो एकाकी जीवन जी रहा होता है. गलती से बदले हुए टिफ़िन के ज़रिए उसकी मुलाक़ात एक अनजान महिला (निमरत कौर) से होती है. चिट्ठियों के माध्यम से पनपता यह रिश्ता बेहद सादा, पर गहराई से भरा हुआ है.
क़रीब क़रीब सिंगल (2017)
यह फ़िल्म इरफ़ान ख़ान के रोमांटिक और हल्के-फुल्के अंदाज़ को दिखाती है. इस किरदार में वे एक खुले दिल, मज़ाकिया और ज़िंदगी से प्यार करने वाले इंसान बने हैं. पार्वती (परवीन डबास) के साथ उनकी केमिस्ट्री परिपक्व उम्र के प्रेम की कहानी कहती है.
लाइफ़ इन अ… मेट्रो (2007)
अनुराग बसु की इस मल्टी-स्टारर फ़िल्म में इरफ़ान ख़ान का किरदार मोंटी बेहद यादगार है. कोंकणा सेन शर्मा के साथ उनका रिश्ता आज के शहरी रिश्तों की उलझनों को दर्शाता है. यहाँ प्रेम में असुरक्षा, हंसी, ईमानदारी और टूटन—सब कुछ मौजूद है. इरफ़ान का सहज अभिनय इस किरदार को इतना वास्तविक बना देता है कि दर्शक खुद को उसमें देखने लगते हैं.
दिल कबड्डी (2008)
“दिल कबड्डी” आधुनिक रिश्तों और बदलते प्रेम की कहानी है. इरफ़ान ख़ान इसमें एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका निभाते हैं जो रिश्तों को लेकर उलझन में है, लेकिन दिल से सच्चा है. यह फ़िल्म प्यार, शादी और एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशनशिप जैसे विषयों को हल्के अंदाज़ में छूती है. इरफ़ान का स्वाभाविक अभिनय इस फ़िल्म को देखने लायक बनाता है.
हासिल (2003)
हालाँकि “हासिल” को पूरी तरह रोमांटिक फ़िल्म नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसमें प्रेम की एक मज़बूत धारा मौजूद है. इरफ़ान ख़ान का रणविजय सिंह का किरदार सत्ता, राजनीति और प्यार के बीच झूलता रहता है. उनका प्रेम स्वार्थी नहीं, बल्कि जुनूनी और गहन है, जो कहानी को एक अलग स्तर देता है. इस फ़िल्म ने इरफ़ान को एक सशक्त अभिनेता के रूप में स्थापित किया.