Cabbage Cleaning Tips: झट से पत्ता गोभी से भाग जाएंगे कीड़े, बस कर लें ये काम…!
Cabbage Cleaning Tips: पत्ता गोभी एक बहुपयोगी सब्जी है, जिसे पराठा, सलाद, नूडल्स और कई व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है. ये शरीर के लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन इसकी परतों में छोटे कीड़े छिपे हो सकते हैं. सही सफाई न केवल कीड़े बल्कि मिट्टी भी हटाती है, जिससे गोभी सुरक्षित बनती है.
बाहरी पत्तियां हटा दें
सबसे बाहरी 2-3 पत्तियां हमेशा हटा दें. ये पत्तियां मिट्टी, कीड़े और रासायनिक पदार्थों के संपर्क में सबसे ज्यादा रहती हैं. इन्हें हटाने से गोभी की भीतरी परतें साफ रहती हैं और कीड़े या गंदगी खाने में नहीं आती.
गोभी को टुकड़ों में काटें
गोभी को आधा या चौथाई में काटें. ये परतों को खोलने में मदद करता है और किसी भी छिपे कीड़े या गंदगी को आसानी से देखा जा सकता है. बड़े टुकड़े काटने से सफाई भी आसान होती है और कीड़े आसानी से बाहर आ जाते हैं.
नमक के पानी में भिगोएं
काटी हुई गोभी को 10-15 मिनट गर्म नमक के पानी में भिगोएं. नमक कीड़े को ढीला कर देता है और परतों के बीच छिपे कीड़ों को बाहर आने में मदद करता है. ये तरीका गंदगी और कुछ बैक्टीरिया को भी हटाने में सहायक है.
सिरके का घोल इस्तेमाल करें
1-2 चमच सिरके को पानी में मिलाकर गोभी को 5-7 मिनट भिगोएं. सिरका बैक्टीरिया मारता है और कीड़ों को पत्तियों से अलग करता है. ये तरीका गोभी को ज्यादा सेफ और स्वच्छ बनाने में मदद करता है.
बहते पानी में अच्छी तरह धोएं
गोभी को 2-3 बार बहते पानी के नीचे धोएं. इससे नमक, सिरका और ढीले हुए कीड़े पूरी तरह हट जाते हैं. विशेष रूप से पत्तियों के बीच में बहते पानी से सभी छिपे कीड़े निकल जाते हैं.
ध्यान से निरीक्षण करें
पत्तियों को धीरे-धीरे खोलकर देखें कि कहीं कोई कीड़ा बचा तो नहीं. छिपे कीड़ों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि ये खाने में समस्या पैदा कर सकते हैं. हर परत को ध्यान से देखकर ही खाना तैयार करें.
सफाई के बाद तुरंत पकाएं
साफ की हुई गोभी को तुरंत पकाना चाहिए. लंबे समय तक रखने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं और कीटों की समस्या फिर से हो सकती है. जल्दी पकाने से गोभी स्वादिष्ट और सुरक्षित रहती है.
सुरक्षित और स्वच्छ सब्जी का आनंद लें
सही तरीके से साफ की हुई गोभी खाने से स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है और व्यंजन ज्यादा स्वादिष्ट बनते हैं. नियमित रूप से ये सफाई करने से कीड़े, गंदगी और रसायनों से बचाव होता है.