2007 कानपुर वनडे की वो दुश्मनी, जो 18 साल बाद भी है जारी! जानें क्यों आज भी एक-दूसरे के ‘खून के प्यासे’ हैं गंभीर और अफरीदी?
क्रिकेट के मैदान पर कई जंग हुईं, लेकिन 2007 की वो दोपहर कुछ अलग थी. कानपुर की तपती पिच पर जब गौतम गंभीर और शाहिद अफरीदी आमने-सामने आए, तो खेल पीछे छूट गया और शुरू हुआ गाली-गलौज और टकराव का वो सिलसिला, जो 18 साल बाद भी नहीं थमा. आखिर उस दिन क्या हुआ था जिसने इन दो दिग्गजों को उम्रभर का दुश्मन बना दिया?
क्रिकेट की कभी न खत्म होने वाली जंग
कुछ क्रिकेट राइवलरी आखिरी गेंद फेंके जाने के साथ खत्म हो जाती हैं, लेकिन गौतम गंभीर बनाम शाहिद अफरीदी जैसी राइवलरी कभी खत्म नहीं होतीं. 2007 में कानपुर में पिच के बीच हुई टक्कर से शुरू हुई यह दुश्मनी अब क्रिकेट की सबसे लंबे समय तक चलने वाली मैदान के बाहर की लड़ाइयों में से एक बन गई है.
गंभीर VS अफरीदी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर क्रिकेट के सबसे आक्रामक खिलाड़ियों में से एक रहे हैं. गंभीर को हमेशा एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने बड़े मौकों पर टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन किया. चाहे वह 2007 के T20 वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी 75 रन की पारी हो या 2011 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ उनकी 97 रन की पारी, दोनों ही मौकों पर उनके योगदान ने भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई. दूसरी ओर, शाहिद अफरीदी ने भले ही पाकिस्तान के लिए कोई बड़ी ट्रॉफी न जीती हो, लेकिन उन्होंने कई मौकों पर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हलचल मचाई.
कानपुर वनडे (2007) की वह चिंगारी
गंभीर मैदान पर अपने जुझारू और आक्रामक स्वभाव के लिए भी जाने जाते थे. वह अक्सर अपना गुस्सा जाहिर करते थे, खासकर पाकिस्तान के खिलाफ खेलते समय. फैंस को आज भी 2007 के कानपुर वनडे की वह घटना याद है जब गंभीर और शाहिद अफरीदी के बीच तीखी बहस हुई थी. 11 नवंबर, 2007, भारत बनाम पाकिस्तान, तीसरा वनडे, कानपुर. युवराज सिंह (77) और एमएस धोनी (49) की पारियों की बदौलत भारत ने 294/6 का स्कोर बनाया. सलमान बट की शानदार 129 रन की पारी के बावजूद पाकिस्तान सिर्फ 248 रन ही बना सका. भारत ने मैच 46 रन से जीत लिया, लेकिन यह मैच गंभीर और अफरीदी के बीच हुई झड़प के लिए ज्यादा याद किया जाता है.
मैदान पर टकराव और गाली-गलौज
गौतम गंभीर 49 गेंदों पर 25 रन बनाकर संघर्ष कर रहे थे, जब शाहिद अफरीदी लगातार उन्हें स्लेजिंग कर रहे थे. मैच आगे बढ़ा, और गंभीर ने अफरीदी की गेंद पर चौका मारा, जिससे अफरीदी गुस्सा हो गए, और फिर वह गंभीर के पास जाकर कुछ कहने लगे. अगली ही गेंद पर, विकेटों के बीच दौड़ते समय दोनों के बीच टक्कर हो गई, जिसमें गंभीर की कोहनी अफरीदी को लगी. गंभीर को लगा कि अफरीदी जानबूझकर उनके रास्ते में आए थे.
अंपायरों का दखल और भारी जुर्माना
हालात इतने बिगड़ गए कि अंपायरों को दखल देना पड़ा. अंपायर इयान गोल्ड को दोनों खिलाड़ियों के बीच गरमा-गरम बहस को संभालने में काफी मुश्किल हुई. बाद में, मैच रेफरी ने दोनों खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया; अफरीदी की मैच फीस 95% काट ली गई, जबकि गंभीर की 65% कम कर दी गई. इस घटना को आज भी भारत-पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी के सबसे ज़्यादा चर्चित पलों में से एक माना जाता है.
वर्तमान स्थिति और विवाद
कानपुर में गंभीर और अफरीदी के बीच शुरू हुई लड़ाई आज भी जारी है. हालांकि, जब से गंभीर टीम इंडिया के कोच बने हैं, वह सिर्फ भारतीय टीम से जुड़े मामलों पर ही ध्यान दे रहे हैं. दूसरी ओर, शाहिद अफरीदी क्रिकेट के अलावा भारत के खिलाफ ज़हर उगलते रहते हैं. वह राजनीतिक मुद्दे और कश्मीर मुद्दा भी उठाते रहते हैं. हाल ही में, इंडिया चैंपियंस ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स में पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच का बहिष्कार किया था, और इसके लिए शाहिद अफरीदी को ज़िम्मेदार ठहराया गया था.
दोनों दिग्गजों के करियर के आंकड़े
गौतम गंभीर का वनडे करियर: गंभीर ने 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ डेब्यू किया. उन्होंने 147 वनडे मैच खेले, जिसमें 39.68 की औसत से 5,238 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 11 शतक और 34 अर्धशतक लगाए। अफरीदी का क्रिकेट करियर: 'बूम बूम' अफरीदी ने 398 वनडे मैचों की 369 पारियों में कुल 8,064 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट 117.00 था. उन्होंने अपने करियर में 6 शतक, 39 अर्धशतक, 730 चौके और 351 छक्के लगाए, जो उनकी आक्रामक शैली का सबूत है.