दिल्ली 6 का जायका, चांदनी चौक की पहचान और लोगों की पहली पसंद है
दिल्ली की चांदनी चौक सिर्फ एक बाजार नहीं यह स्वाद, इतिहास और संस्कृति का एक संगम हैगलियों में बिखरे स्टॉल, पुरानी दुकानों की खुशबू और खाने की वैरायटी से यह जगह खाने-प्रेमियों के लिए जन्नत से कम नहीं. किसी सेलिब्रिटी ने जब कहा कि “लोकल खाना आज भी असली स्वाद देता है”
खुरचन
खुरचन चांदनी चौक की उन मिठाइयों में शामिल है जिसे लोग मौसम ठंडा होते ही याद करते हैं. यह दूध को धीरे-धीरे पकाकर उसमें जमा मलाई की परतों को खुरच कर बनाई जाती है.
पानी पूरी
चांदनी चौक की चाट और पानी पूरी दिल्ली की शान हैं. खट्टा, मीठा, तीखा हर फ्लेवर जो आप चाहें वह इन में मिलता है. बाहर से कुरकुरा पुरी, भीतर आलू-चना और ऊपर दही, हरी चटनी और इमली की मीठी चटनी जब ये सारा स्वाद मिल जाए, तो हर निवाला जीभ पर झूमता है.
पराठे
पराठे वाली गली चांदनी चौक की पहचान है. आलू, गोभी, पनीर जैसे स्टफिंग पराठों के साथ अचार और दही स्वाद ऐसा कि पेट तुरंत भरा हो जाए.
कबाब और सीक कबाब
मांसाहारी प्रेमी चांदनी चौक में कबाब की ताज़गी और मसालों का धमाका खोजते हैं. चिकन, मटन या सॉसेज जो भी हो, उसे ग्रिल पर सीका जाता है और मसालों से लैस किया जाता है.
मोमोज और चिल्ली चाट
हालाँकि यह डिश चांदनी चौक की पारंपरिक व्यंजनों में पुरानी नहीं है, लेकिन अब यह वहां का स्थायी हिस्सा बन चुकी है. स्टीम या फ्राई मोमोज़ जब चिली सॉस, हरी चटनी और सॉस के साथ परोसी जाती है.
समोसा-चाय कॉम्बो
समोसा के साथ चाय एक ऐसा क्लासिक कॉम्बो जिसे भुलाया नहीं जा सकता. आलू से भरा समोसा गरम-गरम और कुरकुरा जब चाय की चुस्की के साथ हो, तो वो अनुभव अलग ही होता है.
बिरयानी
चांदनी चौक में आप मोगलाई अंदाज का पुलाव या बिरयानी भी आसानी से पा सकते हैं. घी से लेपित हरी धनिया और पुदीने की खुशबू के साथ मसाले में पके चावल.
जलेबी और रबड़ी
जलेबी की कुरकुरी परतें और रबड़ी की मलाईदार मिठास यह जोड़ी चांदनी चौक में सदियों से प्रेमी बनी हुई है. तली हुई जलेबी जब गरम-गरम परोसी जाती है और उसके ऊपर ठंडी रबड़ी डाली जाती है, तो वो अहसास कुछ अलग ही लेकर आता है.
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